तस्वीर में तऱ्हाडी के विद्यालय कक्ष में बाएं से छात्राएं, एक महिला और छात्र पुस्तकें लिए खड़े हैं; पीछे अन्य वयस्क सदस्य नजर आ रहे हैं और सामने भगवद्गीता ज्ञानस्पर्धा का बोर्ड लगा है।

तऱ्हाडी स्थित आण्णासाहेब साहेबराव सोमा पाटील माध्यमिक विद्यालय में राज्यस्तरीय ‘भगवद्गीता ज्ञानस्पर्धा’ का आयोजन अत्यंत अनुशासित और उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ संस्था की संचालिका उज्वला सुभाष भामरे ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर विद्यालय के मुख्याध्यापक रावसाहेब सोमा चव्हाण सहित शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

पंचकृष्ण प्रबोधन मंडल (श्रीक्षेत्र जाळीचा देव) और संस्थापक अध्यक्ष गुरुवर्य परमपूजनीय परममहंत श्री लोणारकर बाबा के मार्गदर्शन में पिछले 30 वर्षों से पूरे महाराष्ट्र में इस ज्ञानस्पर्धा का आयोजन किया जा रहा है। विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और मूल्यों के संस्कार विकसित करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

श्री लोणारकर बाबा ने विद्यार्थियों को सरल मराठी भाषा में समझ आने वाली भगवद्गीता की अर्थ सहित पुस्तक की रचना की है। हर वर्ष श्रीक्षेत्र जाळीचा देव (बुलढाणा) स्थित गोपाल आश्रम में गोकुलाष्टमी और सर्वज्ञ श्री चक्रधर स्वामी के अवतारदिन महोत्सव के अवसर पर प्रतियोगिता का राज्यस्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाता है।

इस वर्ष धुले और नंदुरबार जिलों में इस पहल को अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला। जिलाप्रमुख एवं सेवानिवृत्त एस.टी. कर्मचारी आप्पासाहेब बी. एल. सोनवणे और शिरपूर तालुकाप्रमुख पौर्णिमा गिरीश पाटील के अथक प्रयासों तथा योजनाबद्ध प्रचार के कारण शिरपूर, शहादा, नंदुरबार, चोपडा और शिंदखेडा क्षेत्रों के 8 से 10 हजार विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया।

इस पहल को शिरपूर तालुका के नेता अमरीशभाई पटेल तथा विधायक काशीरामदादा पावरा के विशेष शुभकामना संदेश और प्रोत्साहन का लाभ मिला।

आज के प्रतिस्पर्धात्मक और तकनीक के युग में विद्यार्थियों को संस्कार, चरित्र और आत्मविश्वास की दिशा देने वाला यह उपक्रम साबित हो रहा है। सफल आयोजन के लिए आप्पासाहेब सोनवणे, पौर्णिमा पाटील, सभी मुख्याध्यापकों, शिक्षकों और सहभागी विद्यार्थियों की विभिन्न स्तरों पर सराहना की जा रही है।

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