नरसिंहपुर से सिवनी जिले के धूमा वन परिक्षेत्र के जंगलों में पहुंचे जंगली हाथी की गतिविधियों पर नजर रखते हुए गश्त करती वन विभाग की टीम।

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पिछले 18 दिनों से जंगलों में भटक रहा जंगली हाथी अब सिवनी जिले के धूमा वन परिक्षेत्र के जंगलों में पहुंच गया है। हाथी के जंगल में प्रवेश करने के बाद वन विभाग और जंगल से लगे गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में सतर्कता बरतने और लोगों को जंगल में नहीं जाने की सलाह दी थी।

जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकला यह हाथी मध्य प्रदेश के कई वन मंडलों से गुजरते हुए लगभग 18 दिनों तक नरसिंहपुर जिले में रहा। इस दौरान कभी गाडरवारा, कभी करेली तो कभी गोटेगांव के जंगलों में उसकी मौजूदगी दर्ज की गई। लगातार बदलते ठिकानों के कारण वन विभाग को उसकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ानी पड़ी।

जंगली हाथी की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में अलर्ट जारी किया था। ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल में प्रवेश नहीं करने की सूचना दी गई थी, ताकि हाथी की मौजूदगी के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

अब हाथी गोटेगांव क्षेत्र के ग्राम बगासपुर से निकलकर सिवनी जिले के धूमा वन परिक्षेत्र के जंगलों में पहुंच गया है। इसके बाद स्थानीय वन विभाग और जंगल से लगे गांवों के लोगों ने राहत महसूस की है। लगभग 18 दिनों तक नरसिंहपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हाथी की आवाजाही के बावजूद राहत की बात यह रही कि इस दौरान जिले में जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई।

हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग की टीम लगातार सक्रिय रही। कर्मचारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया और जंगल में नहीं जाने की सूचना दी। फिलहाल, जिस स्थान से हाथी ने सिवनी जिले के धूमा क्षेत्र में प्रवेश किया है, वहां वन विभाग के कर्मचारी अलर्ट हैं और उसकी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।

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