मैहर के खरमसेड़ा गांव में कुएं में बैल बचाने उतरे 4 ग्रामीण डूबे, 3 की मौत, जहरीली गैस की आशंका
मैहर के खरमसेड़ा गांव में बैल को बचाने कुएं में उतरे चार ग्रामीणों में तीन की मौत हो गई। जहरीली गैस, करंट और डूबने के एंगल से जांच जारी है।
तस्वीर में ईंटों से बना एक पुराना और गहरा कुआं दिखाई दे रहा है, जिसके चारों ओर कंक्रीट का चबूतरा है और किनारे पर हरी झाड़ियां उगी हुई हैं।
मैहर जिले के अमरपाटन इलाके के अंतर्गत आने वाले खरमसेड़ा गांव में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे में कुएं में गिरे बैल को बचाने उतरे चार ग्रामीणों में से तीन की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि कुएं में जहरीली गैस बनने से ग्रामीण बेहोश हो गए और इसके बाद पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव निवासी रामनिवास कुशवाहा के कुएं में एक बैल गिर गया था। उसे बाहर निकालने के लिए अहिरान टोला निवासी कृष्ण कुमार यादव (28), वीरेंद्र यादव (47) और राहुल यादव (34) कुएं में उतरे। उस समय कुएं में पानी अधिक भरा हुआ था। कुछ देर बाद तीनों की चीख-पुकार सुनाई दी, लेकिन देखते ही देखते उनकी आवाज बंद हो गई। इसी दौरान उन्हें देखने और बचाने के लिए रामचंद्र यादव भी कुएं में उतरा, लेकिन वह भी अचेत होकर गिर पड़ा। यह देखकर बाहर मौजूद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल कांटा डालकर चारों को कुएं के किनारे लाने का प्रयास किया और उन्हें बाहर निकाला। तब तक कृष्ण कुमार, वीरेंद्र और राहुल की सांसें थम चुकी थीं, जबकि रामचंद्र यादव जीवित मिला। चारों को तुरंत सिविल अस्पताल मैहर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में रामचंद्र यादव को जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि कुएं में मोटर और बिजली के तार भी लगे हुए थे। इसे देखते हुए कुछ लोगों ने करंट उतरने की भी आशंका जताई है। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला डूबने का प्रतीत हो रहा है, लेकिन यह जांच का विषय है कि ग्रामीण पहले जहरीली गैस, ऑक्सीजन की कमी, करंट या किसी अन्य कारण से बेहोश हुए थे या नहीं।
हादसे की सूचना मिलते ही अमरपाटन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। गांव में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने बताया कि कुएं की वैज्ञानिक जांच के लिए सतना से विशेषज्ञ और फोरेंसिक टीम बुलाई गई है। शनिवार को तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। हैरानी की बात यह रही कि जिस बैल को बचाने के लिए चारों ग्रामीण कुएं में उतरे थे, वह घटना के बाद भी जीवित मिला।
मामले को लेकर मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि बैल को निकालने के लिए कुएं में चार ग्रामीण उतरे थे, जिनमें से तीन की घटनास्थल पर मौत हो गई। एक ग्रामीण बेहोश हो गया था, जिसका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने कहा कि अभी यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि गैस रिसाव से मौत हुई है, हालांकि आशंका यही जताई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। साथ ही कुएं की जांच के लिए सतना से टीम बुलाई गई है।