तस्वीर में चीचली जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे लोग और कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं।

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले की चीचली जनपद पंचायत में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जनपद पंचायत अध्यक्ष राधाबाई अहिरवार ने सीईओ की कार्यप्रणाली से नाराज होकर अपने धरने के 37वें दिन जनपद पंचायत कार्यालय में ताला जड़ दिया। ताला लगाए जाने के बाद कार्यालय के अंदर कर्मचारी फंस गए। वहीं, राधाबाई अहिरवार अपने कार्यकर्ताओं के साथ गेट पर बैठकर सीईओ को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करती रहीं।

जानकारी के अनुसार, चीचली जनपद पंचायत की अध्यक्ष राधाबाई अहिरवार पिछले 36-37 दिनों से जनपद पंचायत सीईओ की कार्यप्रणाली से नाराज होकर उनके स्थानांतरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। उनका आरोप है कि लगातार धरना देने के बावजूद प्रशासन की ओर से उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

जनपद अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कामकाज और बातचीत के दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है। इसके अलावा कई मामलों में जानकारी मांगने पर उन्हें स्पष्ट जवाब भी नहीं दिया जाता।

राधाबाई अहिरवार ने कहा कि वह अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाली महिला जनप्रतिनिधि हैं और उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि चीचली जनपद पंचायत के सीईओ का स्थानांतरण किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वह अपना धरना जारी रखेंगी। उनका कहना है कि अभी तक प्रशासन की ओर से उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।

अध्यक्ष के आंदोलन को समर्थन देने भोपाल से युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार भी चीचली पहुंचे। उन्होंने कहा कि राधाबाई जनता द्वारा चुनी गई जनप्रतिनिधि हैं और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। परमार ने आरोप लगाया कि सीईओ द्वारा अध्यक्ष के साथ अभद्रता की गई और उनकी शिकायतों की अनदेखी की जा रही है।

अभिषेक परमार ने कहा कि इसी मांग को लेकर अध्यक्ष पिछले 37 दिनों से आंदोलन कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सीईओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दबाव के बावजूद युवा कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी।

घटना की सूचना मिलने के बाद चीचली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। जनपद पंचायत कार्यालय में ताला लगाए जाने और कर्मचारियों के अंदर फंसने के बाद मौके पर स्थिति पर पुलिस की मौजूदगी में नजर रखी गई। राधाबाई अहिरवार की सीईओ के स्थानांतरण की मांग और 37 दिनों से जारी धरना अब कार्यालय में ताला लगाए जाने के बाद नए घटनाक्रम में बदल गया है।