तस्वीर में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, रानी दुर्गावती शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मंडला के प्रांगण में जमीन पर बैठे हुए छात्र नजर आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस रानी दुर्गावती शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मंडला में व्याप्त शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं को लेकर गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन (इंडिया) ने उच्च शिक्षा मंत्री, आयुक्त उच्च शिक्षा, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते तथा संबंधित अधिकारियों के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से छात्रहित से जुड़ी विभिन्न मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जिले के छात्र-छात्राओं के साथ विशाल धरना-प्रदर्शन एवं चक्का जाम किया जाएगा।

ज्ञापन में कहा गया है कि बी.एससी. तृतीय वर्ष (मार्च-अप्रैल 2026) का परीक्षा परिणाम 30 जुलाई 2026 को घोषित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के परिणाम में कथित त्रुटियां सामने आई हैं। छात्र संगठन का आरोप है कि अनेक विद्यार्थियों को ओपन इलेक्टिव रसायनशास्त्र विषय में एक समान अंक एवं सप्लीमेंट्री दी गई है, जिससे परीक्षा परिणाम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संगठन ने परीक्षा परिणाम की निष्पक्ष जांच कर संशोधित परीक्षा परिणाम जारी करने की मांग की है।



 ज्ञापन में वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यूजी एवं पीजी पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने की मांग भी उठाई गई है। संगठन का कहना है कि प्रत्येक वर्ष अधिक कटऑफ के कारण अनेक छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित रह जाते हैं, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई होती है।

गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन ने महाविद्यालय को शीघ्र ऑटोनॉमस (स्वायत्त) दर्जा देने की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में विद्यार्थियों को अपनी विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए जबलपुर स्थित विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की हानि होती है।

इसके अलावा ADEP के अंतर्गत संचालित सभी पाठ्यक्रमों की नियमित कक्षाएं संचालित करने, लंबित परीक्षाएं शीघ्र कराने, बढ़ती महंगाई को देखते हुए छात्रवृत्ति एवं आवास भत्ता बढ़ाने तथा महाविद्यालय प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क, टीसी आवेदन शुल्क एवं विश्वविद्यालय के विभिन्न आवेदन शुल्क में कमी करने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई है। संगठन ने इन सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताते हुए स्पष्ट किया है कि समय रहते समाधान नहीं होने पर जिले के छात्र-छात्राओं के साथ व्यापक आंदोलन किया जाएगा।