कोटा में गणेश चतुर्थी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में, 13 सितंबर को होगा भव्य उद्घाटन
कोटा के श्री खड़े गणेश जी मंदिर में गणेश चतुर्थी मेले की तैयारियां पूरी, 13 सितंबर को उद्घाटन और 14 सितंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।
तस्वीर में कमरे के भीतर खड़े विभिन्न पुरुष और पीले फूलों की माला पहना हुआ व्यक्ति।
श्री खड़े गणेश जी मेला एवं उत्सव आयोजन समिति की बैठक रविवार को मंदिर प्रांगण में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मेला संयोजक ओम गुंजल ने की। आगामी गणेश चतुर्थी मेले को भव्य, आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाने को लेकर बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। समिति सदस्यों ने मेले की व्यवस्थाओं और आयोजन की रूपरेखा को लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
मेला संयोजक ओम गुंजल और समिति सदस्यों ने सर्वसम्मति से मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए आयोजनों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक निर्णय लिए। ओम गुंजल ने तैयारियों और आयोजन की रूपरेखा की समीक्षा करते हुए बताया कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी मेले का औपचारिक उद्घाटन 13 सितंबर को अत्यंत धूमधाम से किया जाएगा।
उद्घाटन के बाद 14 सितंबर को मंदिर प्रांगण में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें स्थानीय और बाहरी राज्यों से आने वाले प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने मेले को अधिक व्यवस्थित, भव्य और दर्शनार्थियों के लिए सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया। समिति का मुख्य उद्देश्य मंदिर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की हर सुविधा का पूरा ध्यान रखने और सभी के साझा सहयोग से धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव को सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से मेला आयोजन समिति के नए पदाधिकारियों एवं सदस्यों का चयन कर घोषणा की गई। रविंद्र चीकारा को अध्यक्ष, रवि गोचर को उपाध्यक्ष तथा भरत राम मीणा को महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके साथ ही हंसराज नागर, शिवकरण नागर, देवशंकर पहाड़िया, ललित कुमार, राममोहन गोस्वामी, कीर्ति शर्मा और नवीन दिवाकर सहित अन्य गणमान्य सदस्यों को समिति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। बैठक में उपस्थित सतीन्द्र यादव, जगदीश यादव, नरेंद्र मीणा, अजय गुप्ता, हेमंत शर्मा, महावीर, दीनदयाल, नंदलाल कसाना और राघव शर्मा सहित सभी सदस्यों ने सौंपी गई जिम्मेदारियों को निष्ठापूर्वक निभाने और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।