मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने नीट यूजी 2026 के तहत अखिल भारतीय कोटा काउंसलिंग के प्रथम राउंड का प्रोविजनल सीट आवंटन परिणाम जारी कर दिया है। इस काउंसलिंग के माध्यम से एम्स, जिपमेर, केंद्रीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध मेडिकल कॉलेजों, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों, अन्य अखिल भारतीय मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों तथा चुनिंदा केंद्रीय नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए सीटों का आवंटन किया गया है।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कॅरियर काउंसलिंग विशेषज्ञ पारिजात मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष भी देश का सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान एम्स नई दिल्ली अभ्यर्थियों की पहली पसंद बना रहा। एम्स दिल्ली में सामान्य वर्ग की अंतिम चयनित रैंक 52 रही। वहीं ईडब्ल्यूएस वर्ग में 292, ओबीसी वर्ग में 192, एससी वर्ग में 793 तथा एसटी वर्ग में 987 क्लोजिंग रैंक दर्ज की गई।

एमबीबीएस पाठ्यक्रम की 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा सीटों के लिए सामान्य वर्ग में 22342, ईडब्ल्यूएस में 27179, ओबीसी में 23075, एससी में 104921 तथा एसटी वर्ग में 132111 क्लोजिंग रैंक रही।

एम्स नई दिल्ली के बाद देशभर के अन्य एम्स संस्थानों की भी भारी मांग देखने को मिली। अन्य एम्स संस्थानों में सामान्य वर्ग की क्लोजिंग रैंक 3948, ईडब्ल्यूएस 5492, ओबीसी 4382, एससी 28615 तथा एसटी वर्ग में 44940 रही।

राजस्थान स्थित एम्स जोधपुर भी विद्यार्थियों की प्रमुख पसंद के रूप में सामने आया। एम्स जोधपुर में सामान्य वर्ग की क्लोजिंग रैंक 344, ईडब्ल्यूएस 879, ओबीसी 714, एससी 3941 तथा एसटी वर्ग में 4457 रही। इससे स्पष्ट है कि एम्स दिल्ली के बाद अभ्यर्थियों ने सर्वाधिक प्राथमिकता एम्स जोधपुर को दी।

प्रथम बार इस काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल एम्स रेवाड़ी में सामान्य वर्ग की क्लोजिंग रैंक 3948, ईडब्ल्यूएस 5492, ओबीसी 4382, एससी 28615 तथा एसटी वर्ग में 39811 रही।

केंद्रीय विश्वविद्यालयों की श्रेणी में इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईएमएस), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी सबसे अधिक मांग वाले संस्थानों में शामिल रहा। यहां सामान्य वर्ग की क्लोजिंग रैंक 1043, ईडब्ल्यूएस 2017, ओबीसी 1620, एससी 14522 तथा एसटी वर्ग में 21083 रही।

वहीं जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में ऑल इंडिया कोटा के सामान्य वर्ग की क्लोजिंग रैंक 4310 रही, जबकि इसके आंतरिक कोटा अभ्यर्थियों के लिए यह 19636 तक गई।

दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध मेडिकल कॉलेजों, जिनमें मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी), लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) एवं यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूसीएमएस) शामिल हैं, के आंतरिक राज्य कोटा में सामान्य वर्ग की क्लोजिंग रैंक 7403, ईडब्ल्यूएस 14880, ओबीसी 14954, एससी 75166 तथा एसटी वर्ग में 123564 रही।

इसी प्रकार गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) एवं अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एबीवीआईएमएस) के राज्य कोटा में सामान्य वर्ग की क्लोजिंग रैंक 6717, ईडब्ल्यूएस 9902, ओबीसी 12527, एससी 61656 तथा एसटी वर्ग में 124759 दर्ज की गई।

जिपमेर पांडिचेरी एवं कराईकल में सामान्य वर्ग की क्लोजिंग रैंक 309, ईडब्ल्यूएस 1651, ओबीसी 771, एससी 3910 तथा एसटी वर्ग में 13345 रही।

15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा की बीडीएस सीटों के लिए भी क्लोजिंग रैंक घोषित की गई। सामान्य वर्ग की क्लोजिंग रैंक 41017, ईडब्ल्यूएस 45421, ओबीसी 42260, एससी 153140 तथा एसटी वर्ग में 177533 रही।

पारिजात मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष सीट आवंटित होने वाले अभ्यर्थियों के पास दो विकल्प रहेंगे। जो कैंडिडेट्स अपने अलॉटेड कॉलेज से संतुष्ट हैं, वे एमसीसी पोर्टल पर फ्रीज का विकल्प चुनेंगे और अलॉटेड कॉलेज द्वारा वांछित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके बाद कैंडिडेट्स को अपना अलॉटमेंट लेटर एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करना होगा। निर्धारित समयावधि में मूल दस्तावेजों एवं प्रवेश शुल्क के साथ संबंधित कॉलेज में स्वयं उपस्थित होकर रिपोर्टिंग करनी होगी। यह समयावधि एमसीसी द्वारा 22 अगस्त से 31 अगस्त के मध्य रखी गई है।

दूसरे विकल्प के तहत जो कैंडिडेट्स अपने अलॉटेड कॉलेज से संतुष्ट नहीं हैं और द्वितीय राउंड काउंसलिंग में अन्य बेहतर विकल्प चाहते हैं, वे एमसीसी पोर्टल पर फ्लोट का विकल्प चुनेंगे और अलॉटेड कॉलेज द्वारा वांछित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करेंगे। ऐसे अभ्यर्थियों को अलॉटेड कॉलेज जाकर व्यक्तिगत रिपोर्टिंग नहीं करवानी पड़ेगी और वे स्वतः ही सेकंड राउंड में शामिल होने की पात्रता रख पाएंगे।

एमसीसी काउंसलिंग ब्रोचर के अनुसार विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि उपरोक्त सभी श्रेणी के कैंडिडेट्स को अपने वांछित दस्तावेजों की स्कैन्ड कॉपी अपलोड करनी होगी। कुछ दस्तावेज वे डिजिलॉकर से भी सीधे अपलोड कर सकते हैं। मिश्रा ने यह भी बताया कि एमसीसी ब्रोचर में वर्णित नियमों के अंतर्गत जिन अभ्यर्थियों को अपना आवंटित कॉलेज संतोषजनक नहीं लगता, वे फ्री एग्जिट का विकल्प भी चुन सकते हैं। ऐसे कैंडिडेट्स भी सेकंड राउंड काउंसलिंग में शामिल होने की पात्रता रख पाएंगे।

मिश्रा के अनुसार काउंसलिंग की समय सीमा की विसंगतियों और परिणाम देर से जारी होने के कारण रिपोर्टिंग की समयसीमा के बीच बहुत कम अंतर रह गया है। इससे कई अभ्यर्थियों को यात्रा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे में आरक्षण की उपलब्धता सीमित होने के कारण दूर-दराज से आने वाले कैंडिडेट्स को हवाई यात्रा का सहारा लेना पड़ सकता है, जो इस समय काफी ज्यादा महंगी साबित होगी। ऐसे में पहले राउंड के सीट आवंटन के बाद कॉलेज रिपोर्टिंग की सीमित समयावधि अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन गई है।

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