कोटा में ब्रेन हेमरेज जागरूकता संगोष्ठी: डॉ. कनिष्क गोयल ने बताए बचाव के उपाय और खतरे के संकेत
कोटा के अग्रवाल सेवा सदन में आयोजित “ब्रेन हेमरेज से बचाव– सावधानी ही सुरक्षा” संगोष्ठी में डॉ. कनिष्क गोयल ने ब्रेन हेमरेज के प्रमुख कारण, शुरुआती लक्षण और बचाव के प्रभावी उपाय बताए। जानिए किन संकेतों को नजरअंदाज करना गंभीर साबित हो सकता है।
तस्वीर में अग्रवाल सेवा सदन कोटा में आयोजित स्वास्थ्य संगोष्ठी के दौरान मंच पर वक्ता और उपस्थित गणमान्य अतिथि नजर आ रहे हैं।
कोटा, 2 अगस्त। अग्रवाल समाज सेवा संस्था कोटा द्वारा रविवार को अग्रवाल सेवा सदन में “ब्रेन हेमरेज से बचाव– सावधानी ही सुरक्षा” विषय पर स्वास्थ्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में ब्रेन हेमरेज के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य वक्ता डॉ. कनिष्क गोयल ने कहा कि मस्तिष्क में रक्तवाहिनी के फटने से ब्रेन हेमरेज होता है और यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। उन्होंने बताया कि समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। डॉ. गोयल के अनुसार, आधे से अधिक मामलों में अनियंत्रित उच्च रक्तचाप (बीपी) इसकी प्रमुख वजह होता है। इसके अलावा धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन, मोटापा, मधुमेह तथा हेलमेट नहीं पहनने के कारण सिर में लगने वाली चोटें भी ब्रेन हेमरेज के बड़े कारण हैं।
उन्होंने फास्ट सूत्र (चेहरा, हाथ, बोली और समय) के माध्यम से ब्रेन हेमरेज के लक्षणों की पहचान करने पर जोर देते हुए कहा कि अचानक तेज सिरदर्द या शरीर में कमजोरी जैसे लक्षणों को गैस समझकर घर पर नहीं बैठना चाहिए। उन्होंने नियमित बीपी जांच कराने, चिकित्सकीय सलाह के बिना दवा बंद नहीं करने, नमक का कम सेवन करने तथा प्रतिदिन 30 मिनट व्यायाम करने को ब्रेन हेमरेज से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुरेंद्र सिंघल, सेवानिवृत्त उप महाप्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा तथा विशिष्ट अतिथि समाजसेवी मुकुट बिहारी गुप्ता उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में मुकुंद-अनिता मित्तल, महेश-दीप्ति मंगल, अनुराग-मनीष जैन, दीपांश अग्रवाल, साधना-नवीन अग्रवाल और हेमा-अनिल गोयल का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में संस्था के महामंत्री महेंद्र गुप्ता ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी में ब्रेन हेमरेज जैसी गंभीर चिकित्सीय स्थिति के प्रति समय रहते जागरूक रहने और नियमित स्वास्थ्य जांच को सबसे महत्वपूर्ण उपाय बताया गया।