रबी फसलों के लिए नहरों में पानी नहीं छोड़ा तो आंदोलन की चेतावनी, मनोज दुबे ने दी
कोटा में रबी फसलों की बुवाई और सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने की मांग उठी है, समय पर पानी नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है.
भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे कोटा में रबी फसलों के लिए नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं।
कोटा, 8 अक्टूबर। भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने सरकार एवं प्रशासन से रबी फसलों के लिए नहरों में तत्काल पानी छोड़ने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नहरों में अविलंब पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान अतिशीघ्र आंदोलन शुरू करेंगे।
मनोज दुबे ने कहा कि रबी फसलों की बुवाई और सिंचाई का समय शुरू हो चुका है। ज्यादातर किसान पूरी तरह नहरी पानी पर निर्भर हैं। अगले कुछ दिनों के भीतर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो फसलों की बुवाई में देरी होगी, जिसका फसल उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसान नेता ने कहा कि नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रबी फसलों की बुवाई के साथ खेतों में आगामी फसल के लिए पलेवा भी होना है। अंतिम छोर की नहरों तक पानी कब पहुंचेगा, इसे लेकर किसान चिंतित हैं। एक साथ पानी की मांग होने पर व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है, लेकिन सीएडी विभाग इस मामले में गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
मनोज दुबे ने कहा कि नहरों में समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिलने से रबी की फसलें प्रभावित हो रही हैं। सरसों, गेहूं, चना, लहसुन, जौ और मटर सहित फसलों पर गहरा संकट है। बारिश की कमी के बाद नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों के सामने संकट पैदा हो गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर टेल क्षेत्र में नहरी पानी कैसे पहुंचेगा, क्योंकि अधिकांश नहरों की अभी तक सफाई नहीं हुई है। रबी की फसलों के लिए नहरों में पानी छोड़ा जाना है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक नहरों की सार-संभाल भी नहीं ली है। ऐसे में टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचना बड़ा सवाल बना हुआ है।