चिकित्सा शिक्षा के लिए देहदान का संकल्प, लालचंद लोहारवाड़िया ने पेश की मिसाल
कोटा में हाड़ौती बैरवा समाज उत्थान समिति के वरिष्ठ संरक्षक लालचंद लोहारवाड़िया ने मरणोपरांत देहदान का संकल्प लिया। परिवार ने भी निर्णय का समर्थन किया, जिसे चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण योगदान माना गया।
तस्वीर में कोटा में मरणोपरांत देहदान का संकल्प लेने वाले वरिष्ठ समाजसेवी लालचंद लोहारवाड़िया अपने परिवार और अन्य समाजबंधुओं के साथ नजर आ रहे हैं।
कोटा। हाड़ौती बैरवा समाज उत्थान समिति के वरिष्ठ संरक्षक एवं समाजसेवी लालचंद लोहारवाड़िया ने मरणोपरांत देहदान करने का संकल्प लेकर मानव सेवा और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की। उन्होंने यह संकल्प बीना बैरवा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, कोटा तथा निर्मल दीक्षित, अध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक रजत सेवा संस्थान, कोटा की उपस्थिति में लिया।
लालचंद लोहारवाड़िया के इस निर्णय को उनके पुत्र बाबूलाल, रणजीत, गणेश सहित सभी पुत्रों एवं पुत्रवधुओं ने सहमति देते हुए पूर्ण समर्थन दिया। परिवार ने देहदान को मानवता की सेवा के साथ चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक योगदान बताया।
इस अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष दुर्गालाल मरमठ, संस्था अध्यक्ष रामलाल टटवाडिया, महासचिव धर्मराज धरावण तथा महामंत्री राजेंद्र वर्मा सहित उपस्थित समाजसेवियों ने कहा कि देहदान का संकल्प समाज में वैज्ञानिक सोच, मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने वाला अनुकरणीय कदम है।
कार्यक्रम में बाबूलाल बसवाल, महेंद्र, अशोक, राजेंद्र जहरवाल, सुरेंद्र, रामहेत बागड़ी, बद्रीलाल महाराज, महेश, ओमप्रकाश, रामलाल अध्यापक सहित अनेक समाजबंधु उपस्थित रहे। उन्होंने लालचंद लोहारवाड़िया एवं उनके परिवार के निर्णय की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए मरणोपरांत देहदान का यह संकल्प मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश को मजबूत करता है।