तस्वीर में बाईं ओर मरीज बुजुर्ग महिला और दाईं ओर डॉक्टर ईथॉस हॉस्पिटल में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।

कोटा के ईथॉस हॉस्पिटल में 68 वर्षीय महिला की दाईं किडनी में मौजूद 9.5 सेंटीमीटर के जटिल ट्यूमर का चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। ट्यूमर डुओडेनम और बड़ी आंत से मजबूती से चिपका हुआ था, जिससे सर्जरी के दौरान इन महत्वपूर्ण अंगों को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती थी। वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. गजेन्द्र नागर एवं उनकी टीम ने किडनी सहित पूरा ट्यूमर निकाल दिया, जबकि डुओडेनम और बड़ी आंत को सुरक्षित रखा।

बूंदी जिले के तालेड़ा निवासी 68 वर्षीय सरस्वती देवी की जांच में दाईं किडनी में 9.5 × 4.2 × 7.7 सेंटीमीटर आकार का ट्यूमर सामने आया था। ट्यूमर आसपास के अंगों से चिपका होने के कारण सामान्य सर्जरी की तुलना में मामला काफी जटिल था। विशेषज्ञ टीम ने ओपन रैडिकल नेफ्रेक्टॉमी के जरिए किडनी एवं ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाला।

सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है और तेजी से रिकवरी हो रही है। इस जटिल ऑपरेशन में किडनी के साथ पूरा ट्यूमर निकालने के बावजूद डुओडेनम और बड़ी आंत को सुरक्षित रखा गया।

डॉ. गजेन्द्र नागर ने बताया कि पेशाब में खून आना, लगातार कमर या पेट में दर्द, पेट में गांठ महसूस होना अथवा अचानक वजन कम होना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और विशेषज्ञ उपचार से किडनी के गंभीर एवं जटिल रोगों का भी प्रभावी उपचार संभव है।

ईथॉस हॉस्पिटल के निदेशक प्रदीप दाधीच ने कहा कि हाड़ौती क्षेत्र के मरीजों को जटिल बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम हो, इसके लिए अस्पताल में आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

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