कोटा। 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में व्यापारियों और आमजन की मांग को देखते हुए दुकानों के संचालन की अवधि दो दिन बढ़ा दी गई है। इस फैसले के बाद मेले में आए व्यापारी अब धनतेरस के दिन भी अपनी दुकानें खुली रखकर कारोबार कर सकेंगे। इससे कोटा सहित आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को मेले में खरीदारी और मनोरंजन के लिए दो अतिरिक्त दिन मिलेंगे।

महापौर अनुसुइया गोस्वामी ने व्यापारिक अवधि बढ़ाने की घोषणा करते हुए बताया कि मेला अपने अंतिम चरण में है। नवंबर माह की शुरुआत के साथ ही कर्मचारियों का वेतन भी आ चुका है। ऐसे में त्योहार के प्रमुख समय में व्यापारियों की ओर से लगातार मेला अवधि बढ़ाने की मांग की जा रही थी। वहीं, धनतेरस के शुभ अवसर पर खरीदारी को लेकर आमजन की ओर से भी अवधि बढ़ाने की राय सामने आई थी।

महापौर ने कहा कि जनभावनाओं और व्यापारिक हितों को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम प्रशासन ने दुकानों के संचालन की अवधि दो दिन बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस दौरान व्यापारियों को मेले में उपलब्ध कराए गए सभी संसाधन और बुनियादी सुविधाएं अतिरिक्त दो दिनों में भी सुचारू रूप से मिलती रहेंगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले का विधिवत और पारंपरिक समापन पूर्व निर्धारित तिथि 5 नवंबर को ही पूरी भव्यता और परंपरा के अनुसार होगा। हालांकि, समापन समारोह के बाद भी अगले दो दिनों तक मेले में व्यापारिक गतिविधियां निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। इससे व्यापारी धनतेरस के अवसर पर भी अपना कारोबार कर सकेंगे।

नगर निगम आयुक्त ओपी मेहरा ने बताया कि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान शहर के बाहर से आने वाले लोगों, पर्यटकों और प्रवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। छुट्टियों में अपने घर आने वाले लोग अब परिवार के साथ मेले का आनंद लेने के अलावा त्योहार की खरीदारी भी आसानी से कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि नगर निगम प्रशासन की ओर से मेले में सुरक्षा, सफाई, विद्युत व्यवस्था और अन्य सभी नागरिक सुविधाएं पूर्ववत बनाए रखने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले का पारंपरिक समापन 5 नवंबर को होने के बावजूद दो दिनों तक जारी रहने वाली व्यापारिक गतिविधियों से व्यापारियों और खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

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