तस्वीर में प्रदर्शन के दौरान एक पुतले को आग लगाते कांग्रेस कार्यकर्ता दिख रहे हैं।   

कोटा में “लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ-देश बचाओ” अभियान के तहत मंगलवार को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पावर हाउस चौराहे से डीसीएम चौराहे तक निकाले गए मार्च में कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया। एक कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनकर हाथों में हथकड़ी लगाए विरोध स्वरूप मार्च में शामिल हुआ।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर चलाए जा रहे “लोकतंत्र बचाओ सप्ताह एवं वोट बचाओ-देश बचाओ” अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी कोटा ने इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ संयुक्त रूप से यह पैदल मार्च निकाला।

एआईसीसी सचिव एवं राजस्थान सह-प्रभारी पूनम पासवान ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक चुनाव आयोग को भाजपा के प्रभाव से मुक्त नहीं कराया जाता। उनके अनुसार वोट बचाना ही देश और लोकतंत्र को बचाना है।

शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव आयोग जैसी महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था को अपने प्रभाव में ले लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और वोटों की कथित हेराफेरी के माध्यम से लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

देहात जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर कर विपक्ष के मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

लाडपुरा के प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू ने कहा कि कोटा की जनता भाजपा के कुशासन को देख चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की चोरी के जरिए चुनाव जीतने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता गली-गली जाकर जनता को जागरूक करेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष को मजबूत करेंगे।

पीसीसी महासचिव अमित धारीवाल ने कहा कि मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त करने तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की।

कांग्रेस कार्यालय प्रभारी एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. विजय सोनी ने बताया कि लोकतंत्र बचाओ मार्च में पूर्व जिला अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, पीसीसी महासचिव अनूप ठाकुर, पीसीसी सचिव अर्चना सुराणा, इंडिया गठबंधन से मार्क्सवादी पार्टी के हबीब खान, सीपीआई के दिनेश कुमार द्विवेदी, सं महामंत्री हेमराज गौतम, पूर्व महापौर मंजू मेहरा, उपाध्यक्ष श्याम गौतम, अनुराग गौतम, पूर्व उप महापौर शोनू कुरैशी, कार्यालय प्रभारी डॉ. विजय सोनी, पार्षद आयना महक, क्रान्ति तिवारी, भरत जैन मामा, मनीष भारद्वाज, ब्लॉक अध्यक्ष ललित शर्मा, देहात ब्लॉक अध्यक्ष अनूप मेहरा, ज्ञान यादव, शीखबोर्ड के हरपाल राणा, पार्षद शानू इनायत, राहुल पुरुस्वानी, कुणाल शर्मा, एनएसयूआई देहात अध्यक्ष रिद्धिम शर्मा, राकेश माखीजा राकू, प्रफुल पाठक, संजय जैन, अजय कासलीवाल, पार्षद सपना बुर्ट, लाड वर्मा, विनोद कुमार, राममूर्ति वर्मा, शंकर लाल मेघवाल, रामेश्वर प्रजापति और मुकुट नागर सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।

मार्च के दौरान कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा चुनाव आयोग को भाजपा के प्रभाव से मुक्त कराने की मांग उठाई। पावर हाउस चौराहे से डीसीएम चौराहे तक निकाला गया यह प्रदर्शन लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस के अभियान का हिस्सा रहा।

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