तस्वीर में मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हाथ जोड़े खड़े श्रद्धालु दिख रहे हैं।

दशलक्षण महापर्व का आयोजन कोटा के रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी स्थित अतिशयकारी श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में 16 से 25 सितंबर तक किया जाएगा। ‘विराग वर्धन वर्षायोग-2026’ के अंतर्गत होने वाले इस आयोजन को लेकर समाजजनों में उत्साह है। पर्व गणधर मुनि श्री 108 विवर्धनसागर जी महाराज ससंघ एवं प्रवर्तक मुनि श्री 108 विश्वनायक सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित होगा।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए प्रवर्तक मुनि श्री 108 विश्वनायक सागर जी महाराज ने कहा कि दशलक्षण पर्व आत्मशुद्धि, संयम और धर्म साधना का अवसर है। श्रद्धालुओं को उत्तम क्षमा सहित दस धर्मों का पालन करते हुए जीवन में अहिंसा, सद्भाव और आत्मसंयम अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ आध्यात्मिक संस्कार भी दिए जाने चाहिए। किसी भी जीव को कष्ट नहीं पहुंचाना जैन धर्म की मूल भावना है।

मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा व मंत्री पंकज खटोड ने बताया कि मंदिर समिति के अनुसार दशलक्षण महापर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 5 बजे ध्यान, 6:30 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा, 8:30 बजे दशलक्षण विधान पूजन और 9 बजे प्रवचन होंगे। दोपहर 2 बजे तत्वार्थ सूत्र वाचन एवं व्याख्या होगी। शाम को प्रतिक्रमण, भक्तामर पाठ, आचार्य वंदना और संगीतमय आरती का आयोजन होगा। रात्रि 8 बजे स्वाध्याय एवं प्रश्नमंच आयोजित होगा।

पर्व के दौरान 19 सितंबर को भगवान श्री पुष्पदंतजी निर्वाण लाडू तथा 25 सितंबर को भगवान श्री वासुपूज्यजी निर्वाण लाडू चढ़ाए जाएंगे। अध्यक्ष राजेंद्र गोधा, महामंत्री पंकज खटोड़ एवं कोषाध्यक्ष ताराचंद बड़ला ने समाजजनों से आयोजन में शामिल होने का आह्वान किया।

धर्मसभा के दौरान चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं पाद प्रक्षालन का सौभाग्य श्रद्धालु परिवारों ने प्राप्त किया। त्रिलोक कुमार, अनिल कुमार, सुनील कुमार एवं सौरभ बड़जात्या परिवार ने चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया। वहीं सवितादेवी, जम्बू कुमार, पारस कुमार एवं सुशील बज परिवार ने पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त किया।

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