तस्वीर में भारतीय किसान संघ की महिला कार्यकर्ता और किसान एक सफेद कार के पास खड़ी नजर आ रही हैं, जिस पर सम्मेलन से जुड़ा पोस्टर और झंडा लगा हुआ है।

कोटा, 29 सितंबर। भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में 30 सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में अखिल भारतीय महिला कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण वर्ष’ के उपलक्ष्य में आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से हजारों महिला किसान और कार्यकर्ता शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रही हैं।

भारतीय किसान संघ की प्रदेश महिला प्रमुख रमा शर्मा ‘निर्भीक’ ने बताया कि राष्ट्रीय सम्मेलन को लेकर प्रदेश की महिला किसानों में उत्साह है। चित्तौड़ प्रांत की प्रांत महिला प्रमुख रजनी नागर के नेतृत्व में प्रांत के 16 जिलों से लगभग 500 महिलाएं सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो चुकी हैं। संभाग महिला प्रमुख संतोष नागर और जिला महिला प्रमुख मधु नागर ने बताया कि हाड़ौती क्षेत्र से भी महिला कार्यकर्ताओं की एक विशेष बस दिल्ली के लिए रवाना की गई है।

सम्मेलन में कोटा कृषि विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. विमला डूंकवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी। प्रदेश महिला प्रमुख रमा शर्मा ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाली विदुषी महिलाएं और किसान नेत्रियां सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर विचार रखेंगी।

सम्मेलन में महिला किसानों के सामने आने वाली दैनिक चुनौतियों, कृषि पद्धतियों में उनकी भागीदारी, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और महिला स्वावलंबन जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचान दिलाना और उनके अधिकारों को सशक्त बनाना है।

भारतीय किसान संघ की प्रांत महिला प्रमुख रजनी नागर ने कहा, ‘किसान महिला देश की अन्नदाता और राष्ट्र की शक्ति है।’ उन्होंने कहा कि जब किसान महिला शिक्षित और सशक्त होगी, तभी देश का कृषि क्षेत्र समृद्ध होगा। सम्मेलन के माध्यम से महिला किसानों के अधिकारों की रक्षा, कृषि में उनकी बराबरी की भागीदारी और उन्हें समाज में उचित सम्मान एवं सुरक्षा दिलाने का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।

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