करौली में किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, बाजरे की MSP खरीद और खाद की उपलब्धता पर उठाई आवाज
करौली में भारतीय किसान संघ ने जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा को ज्ञापन सौंपकर बाजरे की MSP पर खरीद शुरू करने, रबी बुवाई के लिए पर्याप्त खाद, फसल बीमा क्लेम, दूध की खरीद दर बढ़ाने और भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजे की मांग उठाई। कृषि विभाग ने खाद की उपलब्धता और कालाबाजारी रोकने के इंतजामों की जानकारी दी।
करौली में कृषि अधिकारी को ज्ञापन देकर वार्ता करते भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधि।
करौली में बाजरे की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद शुरू करने, रबी की फसल की बुवाई के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और फसल बीमा क्लेम का लाभ दिलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने जिला प्रशासन का ध्यान किसानों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया। संघ के पदाधिकारियों ने बुधवार को जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा को ज्ञापन सौंपकर किसानों की विभिन्न मांगों के समाधान की मांग की। बैठक जिलाध्यक्ष मोहर सिंह मीणा की अध्यक्षता में हुई।
ज्ञापन में बाजरे की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करने और रबी की फसल की बुवाई के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने के साथ फसल बीमा क्लेम का लाभ दिलाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा दूध की खरीद दर बढ़ाने, भूमि अधिग्रहण के मामलों में उचित मुआवजा देने तथा बेमौसम बारिश से खरीफ फसलों को हुए नुकसान का बीमा क्लेम दिलाने की मांग भी की गई।
जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कृषि विभाग के उपनिदेशक धर्म सिंह मीणा से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने बीज, तारबंदी और कुट्टी मशीन जैसी सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
मुलाकात के दौरान कृषि विभाग के उपनिदेशक धर्म सिंह मीणा ने बताया कि रबी सीजन के लिए जिले में खाद समय पर उपलब्ध हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए डीलरों को पाबंद किया गया है।
इस प्रतिनिधिमंडल में संभाग उपाध्यक्ष गिरिराज मीणा, राजाराम मीणा, रामवीर सिंह और बत्ती लाल पाल सहित भारतीय किसान संघ के अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
बाजरे की समर्थन मूल्य पर खरीद, खाद की उपलब्धता, फसल बीमा क्लेम, दूध की खरीद दर और भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजे से जुड़ी मांगों के जरिए संघ ने किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान की जरूरत उठाई। अब इन मांगों पर संबंधित विभागों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।