हिंडौन में जलभराव पर भूख हड़ताल कर रहे विष्णु प्रजापत की तबीयत बिगड़ी, जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती
करौली जिले के हिंडौन में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर छह दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता विष्णु प्रजापति की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है, जबकि प्रशासन की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
तस्वीर में सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता विष्णु प्रजापति हिंडौन सिटी के जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में बेड पर लेटे हुए नजर आ रहे हैं।
करौली जिले के हिंडौन उपखंड क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर पिछले छह दिनों से मंडावरा रोड पर खुले में अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता विष्णु प्रजापति की तबीयत बिगड़ गई। बीती रात बारिश में भीगने और लंबे समय से अन्न ग्रहण नहीं करने के कारण उनकी तबीयत खराब होने पर स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल हिंडौन सिटी में भर्ती कराया।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद भी तबीयत में सुधार नहीं होने पर उन्हें आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया, जहां चिकित्सा आशीष शर्मा एवं अजय शर्मा की देखरेख में उनका उपचार जारी है।
विष्णु प्रजापति का कहना है कि मंडावरा रोड पर पिछले दो से ढाई वर्ष से अधिक समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है, लेकिन जिला प्रशासन, उपखंड प्रशासन और नगर परिषद प्रशासन की ओर से अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी मांग को लेकर वह अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
मामले में हैरतअंगेज बात यह रही कि छह दिन बीत जाने के बावजूद उपखंड प्रशासन और नगर परिषद प्रशासन का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या कर्मचारी मंडावरा रोड पर जलभराव की जनसमस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर धरना और भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु प्रजापति का हाल जानने तक नहीं पहुंचा।
मंगलवार को हुई हल्की बारिश के दौरान घुटनों तक पानी में शव यात्रा निकलने पर स्थानीय वाशीदों ने नगर परिषद और उपखंड प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। वहीं अन्य राहगीरों ने भी इस स्थिति पर गहरी कठिनाई और शर्म महसूस करते हुए क्षेत्र की नारकीय हालत पर दुख प्रकट किया।
मामले को लेकर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि विभिन्न समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लगातार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद जिला प्रशासन ने नगर परिषद प्रशासन और उपखंड प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ मंडावरा रोड पर लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्रवाई क्यों नहीं की। मामले में जिला कलेक्टर को भी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर कोर्ट में तलब किया जा चुका है।
स्थानीय मंडावरा रोड सहित आसपास के 50 से 60 गांवों के लोगों को लंबे समय से उपखंड मुख्यालय तक आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुपहिया और तिपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ रोजमर्रा के कार्यों के लिए आने-जाने वाले दर्जनों महिला-पुरुष गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं। वहीं प्रतिदिन विद्यालय आने-जाने वाले स्कूली बच्चे भी इस समस्या से लगातार परेशान हैं।