जयपुर जिला परिषद की 'शक्ति संगम' पहल: कचरे से आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं
जिला कलेक्टर संदेश नायक ने 'शक्ति संगम' केंद्र के लिए डोनेशन बॉक्स का शुभारंभ किया, जहां अनुपयोगी वस्तुओं को जरूरतमंदों के लिए पुन: उपयोगी बनाया जाएगा।
जयपुर जिला कलेक्टर कार्यालय में 'शक्ति संगम' अभियान के पोस्टर विमोचन के दौरान (बाएं से दाएं) जिला परिषद सीईओ प्रतिभा वर्मा, जिला प्रमुख रमा देवी चोपड़ा, जिला कलेक्टर संदेश नायक और अन्य अधिकारी।
जयपुर। महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए जिला परिषद जयपुर ने एक सराहनीय नवाचार 'शक्ति संगम' ट्रिपल आर (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल) सेंटर के रूप में प्रस्तुत किया है। इस अभिनव पहल की नींव 14 मार्च 2026 को खेजड़ावास पंचायत में रखी गई थी, जहां एक माह के अल्प समय में महिलाओं ने न केवल अपने कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि 14 अप्रैल 2026 तक सामूहिक रूप से 25,000 रुपयों की बचत कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की।
इस सफल अभियान की समीक्षा और विस्तार हेतु शुक्रवार को जिला कलेक्टर परिसर में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जिला कलक्टर संदेश नायक, जिला प्रमुख रमा देवी चैपड़ा एवं जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने एक माह की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। प्रतिभा वर्मा द्वारा 'शक्ति संगम' नाम से नामित इस केंद्र के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु जिला कलक्टर ने समस्त अधिकारियों एवं स्टाफ को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अपने घरों से अनुपयोगी सामग्री जैसे पुराने कपड़े, जूते, किताबें और प्लास्टिक सामग्री संग्रहित कर कलेक्टर परिसर में स्थापित डोनेशन बॉक्स में जमा कराएं।
संग्रहित होने वाली इस सामग्री को 'शक्ति संगम' केंद्र के माध्यम से व्यवस्थित, स्वच्छ और पुन: उपयोग योग्य बनाया जाएगा, जिसके पश्चात इसे प्रतिदिन निर्धन एवं जरूरतमंद लोगों के बीच वितरित किया जाएगा। वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए यह पहल वंचित वर्ग के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं होगी। जिला परिषद जयपुर का यह नवाचार न केवल पर्यावरण संरक्षण और पुनर्चक्रण की दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि यह सामाजिक सहयोग के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाने की दिशा में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है।