जयपुर में 15वें 'ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार' का भव्य आयोजन 26 अप्रैल से होगा

50 देशों के विदेशी टूर ऑपरेटर्स पर्यटन विकास के लिए 10,000 से अधिक पूर्व-निर्धारित व्यावसायिक बैठकों में हिस्सा लेंगे।

Update: 2026-04-24 14:19 GMT

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान पर्यटन आज विश्व पर्यटन मानचित्र पर सिरमौर बनकर उभरा है, जहां वैश्विक अस्थिरताओं और बदलते ट्रैवल पैटर्न के बीच प्रदेश अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पूर्णतः तैयार है। उपमुख्यमंत्री तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने इस गौरवमयी उपलब्धि को रेखांकित करते हुए बताया कि आगामी 26 से 28 अप्रैल तक जयपुर में आयोजित होने वाला 15वां 'ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार' (जीआईटीबी) राजस्थान की विरासत, अटूट भरोसे और अनुभव-आधारित पर्यटन की वैश्विक स्वीकार्यता का जीवंत प्रमाण बनेगा। पर्यटन विभाग, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और फैडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन का भव्य उद्घाटन सत्र रविवार, 26 अप्रैल की शाम को ऐतिहासिक जय महल पैलेस में संपन्न होगा, जबकि व्यापारिक संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए 27 और 28 अप्रैल को जेईसीसी, सीतापुरा में बी2बी सत्रों का गहन आयोजन किया जाएगा।

दुनिया के सातों महाद्वीपों से 50 देशों के विदेशी टूर ऑपरेटर्स और पर्यटन स्टेकहोल्डर्स का एक ही मंच पर जुटना राजस्थान की उस छवि को पुख्ता करता है, जो अब केवल किलों और महलों तक सीमित न रहकर आस्था स्थलों, मानसून की हरियाली और सजीव संस्कृति के माध्यम से पर्यटकों को 'घर' जैसा अनुभव प्रदान करती है। पर्यटन विभाग के शासन सचिव श्री रवि जैन के अनुसार, इन दो दिनों के दौरान 10,000 से अधिक पूर्व-निर्धारित बी2बी बैठकों का लक्ष्य रखा गया है, जहां विदेशी खरीदार सीधे भारतीय प्रदर्शकों, हेरिटेज व लग्ज़री होटल संचालकों, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियों सहित वेलनेस, वाइल्डलाइफ, एडवेंचर और एमआईसीई ऑपरेटर्स के साथ संवाद कर दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारियां स्थापित करेंगे। पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियार ने स्पष्ट किया कि 15 वर्षों की निरंतरता ने जीआईटीबी को विश्वसनीयता का प्रतीक बना दिया है, जिससे प्रतिकूल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद विदेशी प्रतिनिधियों का प्रदेश के प्रति अटूट आकर्षण बना हुआ है।

इस महाकुंभ में एशिया के 13 प्रमुख देशों यथा चीन, हांगकांग, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, मंगोलिया, म्यांमार, नेपाल, सऊदी अरब, थाईलैंड, यूएई और वियतनाम की सक्रिय भागीदारी रहेगी। यूरोप के 19 राष्ट्रों—अल्बानिया, बुल्गारिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, इटली, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, पोलैंड, पोर्टुगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्पेन, स्वीडन, स्विट्ज़रलैंड और यूनाइटेड किंगडम—के साथ-साथ उत्तर अमेरिका के कनाडा, कोस्टा रिका, मेक्सिको व यूएसए; दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना, ब्राज़ील, चिली, कोलंबिया व पेरू; अफ्रीका के मिस्र, केन्या व दक्षिण अफ्रीका; ओशिआनिया के ऑस्ट्रेलिया व न्यूज़ीलैंड तथा यूरोप-एशिया क्षेत्र से अज़रबैजान और रूस के प्रतिनिधि जयपुर पहुंचेंगे। आयोजन के समापन के उपरांत इन प्रतिनिधियों के लिए जयपुर, सरिस्का, सवाई माधोपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, उदयपुर और देवगढ़ जैसे चुनिंदा गंतव्यों के विशेष 'फैम टूर' भी प्रस्तावित हैं। यह आयोजन न केवल राजस्थान की सुरक्षा और स्थिरता का वैश्विक उद्घोष है, बल्कि प्रदेश के पर्यटन को एक नई व्यावसायिक ऊंचाई प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

Similar News