तस्वीर में शासन सचिव डॉ. समित शर्मा नेहरू सहकार भवन स्थित मीटिंग हॉल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

सहकारिता विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने शुक्रवार को नेहरू सहकार भवन स्थित मीटिंग हॉल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं में तेजी लाने, गोदाम निर्माण, सोसायटी पंजीयन, ऑडिट कार्यों और प्रशासनिक दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के लिए जिला प्रभारी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

डॉ. समित शर्मा ने बताया कि ‘सहकार से समृद्धि’ कार्यक्रम के क्रियान्वयन, अधिनियमांतर्गत वैधानिक दायित्वों के निर्वहन तथा प्रशासनिक कार्यों के लिए की-परफॉर्मेंस-इंडिकेटर्स (केपीआई) के आधार पर खंड एवं जिलों की रैंकिंग तैयार कर समीक्षा की गई है। इस रैंकिंग में खंड स्तर पर उदयपुर प्रथम और जयपुर द्वितीय स्थान पर रहा, जबकि जिला स्तर पर टोंक प्रथम तथा सीकर द्वितीय स्थान पर रहा।

बैठक में ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के अंतर्गत विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना की संभाग एवं जिला स्तर पर प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान समयबद्ध गोदाम निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने, भूमि आवंटन सुनिश्चित कराने, अनुपयोगी गोदामों को उपयोगी बनाने, कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने, कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ई-मित्र सेवाएं उपलब्ध कराने तथा ई-पैक्स सर्टिफिकेट जारी कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही भूमि विहीन केवीएसएस में गोदाम निर्माण के लिए भूमि आवंटन, लक्षित समितियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों तथा रजिस्ट्रार कार्यालय से स्वीकृत गोदाम निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने निर्मित गोदामों के उपयोगिता प्रमाण-पत्र, पात्र 500 एमटी क्षमता वाले पंजीकृत गोदामों तथा जिले में केवीएसएस द्वारा उपयोग में लिए जा रहे गोदामों की भी समीक्षा करते हुए कहा कि गोदाम निर्माण केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उनका प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित किया जाए।

शासन सचिव ने बताया कि ‘सहकार से समृद्धि’ योजनांतर्गत राज्य में डेयरी समितियों के गठन तथा निष्क्रिय डेयरी सहकारी समितियों को यथासंभव सक्रिय कराने, अन्यथा शीघ्र अवसायन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी उप एवं सहायक रजिस्ट्रारों को जिला दुग्ध संघों से जानकारी प्राप्त कर सक्रिय और निष्क्रिय समितियों के आंकड़ों को एनसीडी/राज सहकार पोर्टल पर अद्यतन करने के भी निर्देश दिए।

बैठक के दौरान विभाग में लागू एईबीएस प्रणाली की समीक्षा करते हुए डॉ. शर्मा ने समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बार-बार कार्यालय से अनुपस्थित पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उपस्थिति पंजिका में प्रतिदिन दो बार उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए।

उन्होंने धारा 55 तथा धारा 57(1) एवं 57(2) के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा की। इसके साथ ही धारा 25 के अंतर्गत सोसायटियों द्वारा आमसभा आयोजित किए जाने की स्थिति का भी परीक्षण किया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का नियमानुसार और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

डॉ. शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त पत्रों एवं शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, सीसीए-16/17 के प्रकरणों का समय पर निस्तारण तथा न्यायालयों में लंबित मामलों में समयबद्ध जवाबदावा प्रस्तुत करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

बैठक में राजकाज ई-फाइलिंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए शासन सचिव ने लंबित ई-फाइलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग कर कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाया जाए। साथ ही आगामी समीक्षा बैठक से पूर्व निर्धारित लक्ष्यों में स्पष्ट सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए समयबद्धता, पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन को विभाग की प्राथमिकता बताया तथा सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए कहा।

प्रगति की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारियों एवं विशेष लेखा परीक्षकों को चालू ऑडिट और बैक लॉग ऑडिट, पैक्स ऑन सिस्टम प्रगति (जिलेवार), ऑडिट फीस वसूली, विशेष लेखा परीक्षक द्वारा अंकेक्षक (विभागीय सीए/सीए फर्म) की ओर से की गई ऑडिट समितियों के निरीक्षण, ऑडिट कराने के प्रयास तथा ऑडिट नहीं कराने वाली समितियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिला प्रभारी अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने विभाग की प्रमुख पहलों और योजनाओं की जिलों में जाकर प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित गूगल फॉर्मेट में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में आगामी स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर ‘घर-घर तिरंगा’ अभियान की भी समीक्षा की गई। शासन सचिव ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस पर कार्यालय में उपस्थित होकर समारोह धूमधाम से मनाने तथा राज्य सरकार के निर्देशानुसार ‘घर-घर तिरंगा’ अभियान से जुड़कर उसे सफल बनाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान नवाचार के तहत राज्य के सभी प्रतिभागियों के लिए गूगल डॉक्स के माध्यम से सहकारी अधिनियम तथा अधिनियमांतर्गत ऑडिट के प्रावधानों के संबंध में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बहुविकल्पीय ऑनलाइन टेस्ट आयोजित किया गया, जिसके परिणाम भी घोषित किए गए। समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति, प्रशासनिक जवाबदेही, ऑडिट व्यवस्था, डिजिटल कार्यप्रणाली और समयबद्ध निष्पादन पर विशेष जोर देते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

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