सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस पर अमित शाह का बड़ा ऐलान, कृषि क्षेत्र में आएगा बदलाव

सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस पर अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने का संकल्प लिया। राजस्थान को मिले कई नए गोदाम और सहकार वन की सौगात, जानें क्या है सहकार से समृद्धि का पूरा गणित।

Update: 2026-07-06 11:34 GMT

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से बहुत बड़े कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2021 में सहकारिता मंत्रालय का गठन कर इस क्षेत्र को नई प्राणवायु दी है। 'सहकार से समृद्धि' के मंत्र के साथ देश के कृषि एवं ग्रामीण विकास में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। रोडमैप बनाकर सहकारी क्षेत्र में मौजूद रिक्तता को भरा गया है और व्यवस्था को तकनीकी रूप से सक्षम एवं पारदर्शी बनाया गया है। पैक्स को ई-पैक्स में विकसित करने से कार्य और अंकेक्षण सुगम हुआ है, वहीं डिजिटल पेमेंट सिस्टम से भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता आई है। केंद्रीय मंत्री शाह ने किसानों से ऑर्गेनिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जमीन की उर्वरता बचाने की जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर नमन करते हुए कहा कि उनकी राष्ट्रवादी सोच के कारण कश्मीर, असम और पश्चिम बंगाल आज भारत का अभिन्न अंग हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारिता अब देश के करोड़ों किसानों, पशुपालकों, महिलाओं और युवाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम बन चुकी है। राजस्थान के संदर्भ में उन्होंने बताया कि राज्य में 42 हजार से अधिक सहकारी समितियों से 1 करोड़ 35 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हैं। सहकार सदस्यता अभियान के जरिए 8 लाख 90 हजार नवीन सदस्य जोड़े गए हैं और सभी ग्राम पंचायतों में समितियों के गठन का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का डेयरी मॉडल पशुपालकों के लिए बड़ा संबल बना है, जिससे घाटे में चल रहे डेयरी संघ अब मुनाफे में हैं और 10 हजार करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर हासिल किया है। प्रदेश में दुग्ध संकलन 38 लाख लीटर से बढ़कर 45 लाख लीटर तक पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान ने पैक्स कंप्यूटरीकरण में देश में अग्रणी भूमिका निभाई है, जहां 5 हजार 646 पैक्स को ई-पैक्स बनाकर 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन किए गए हैं, जो पूरे देश का लगभग एक तिहाई है। प्रदेश में 1 हजार 977 एम-पैक्स का गठन कर राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। केंद्रीय मत्‍स्‍यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि सहकारिता की मजबूती ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार है। समारोह में 50 हजार पैक्स का ई-पैक्स में रूपांतरण, अन्न भंडारण योजना के तहत गोदामों का हस्तांतरण और लोकार्पण तथा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पोर्टल 3.0 का शुभारंभ हुआ। राजस्थान को 10 नए अन्न भंडारण गोदामों का शिलान्यास, 50 गोदामों का लोकार्पण और 100 गोदामों का हस्तांतरण मिला। इसके साथ ही जयपुर के सुमेल गांव में 64 एकड़ भूमि पर ‘सहकार वन’ के विकास हेतु ई-भूमि पूजन किया गया, जहां मियावाकी और सामान्य प्रणाली से खेजड़ी, रोहिड़ा और नीम जैसे वृक्ष लगाए जाएंगे।

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