डीजीपी राजीव शर्मा का आह्वान: बदलते साइबर दौर में तकनीक आधारित पुलिसिंग ही सफलता की कुंजी

जयपुर की इंटेलीजेंस ट्रेनिंग अकादमी में राजस्थान पुलिस सेवा के 48 अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू हुआ। डीजीपी राजीव शर्मा ने एआई और साइबर अपराध की चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर दिया।

Update: 2026-07-06 13:10 GMT

राजस्थान पुलिस के महानिदेशक राजीव शर्मा जयपुर में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए।

जयपुर, 06 जुलाई। राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारियों को बदलते दौर की चुनौतियों के अनुरूप खुद को अपडेट रखते हुए तकनीक आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। इंटेलीजेंस ट्रेनिंग अकादमी, जयपुर में राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए आयोजित पाँच दिवसीय मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के उद्घाटन सत्र में महानिदेशक पुलिस श्री राजीव शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीकों के बढ़ते प्रभाव के चलते पुलिस अधिकारियों को निरंतर अपने ज्ञान, कौशल और तकनीकी दक्षता को अद्यतन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक पुलिसिंग की सफलता का आधार गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और मजबूत अभियोजन है। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों एवं इकाइयों से आए 48 आरपीएस अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।

डीजीपी श्री राजीव शर्मा ने अधिकारियों को अनुसंधान के दौरान प्रत्येक तथ्य का गहन विश्लेषण करने, तकनीकी संसाधनों एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करने और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग, संगठित पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने और न्यायालयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया। इसके अलावा, अधिकारियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के साथ ही नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने की सलाह दी गई। उन्होंने आईसीजेएस यानी इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इससे अपराध अनुसंधान अधिक वैज्ञानिक और त्वरित बनाया जा सकेगा।

कार्यक्रम के आरंभ में इंटेलीजेंस ट्रेनिंग अकादमी के निदेशक श्री प्रदीप मोहन शर्मा ने अतिथियों का स्वागत कर प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके बाद महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एवं यातायात श्री अनिल पालीवाल ने अधिकारियों को सतत अध्ययन, आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग और व्यावसायिक दक्षता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। इस समारोह में महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण एवं यातायात) श्री अनिल पालीवाल, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण) श्री एच.जी. राघवेन्द्र सुहासा और अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में साइबर अपराध, आधुनिक अनुसंधान तकनीक, डिजिटल साक्ष्य, एआई, राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी नवाचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के समापन पर अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण) श्री एच.जी. राघवेन्द्र सुहासा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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