डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर छात्र सम्मेलन, मदन राठौड़ बोले- राष्ट्रहित सर्वोपरि
जयपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित छात्र सम्मेलन में मदन राठौड़ और अजेय कुमार ने राष्ट्रवाद, कश्मीर और युवा शक्ति पर अपने विचार रखे।
तस्वीर में बाएं से दाएं भाजपा के पदाधिकारी मंच पर उपस्थित हैं। वे जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित छात्र सम्मेलन के दौरान मंच पर बैठे दिखाई दे रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की ओर से सोमवार को जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर जयपुर स्थित 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान' में छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में युवा मोर्चा कार्यकर्ता तथा छात्र शक्ति मौजूद रही।
छात्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा, “यह आज भी पूरे देश की अंतरात्मा के लिए अत्यंत आश्चर्य, गहन चिंता का विचारणीय विषय है कि जो महान सपूत देश की अखंडता व संप्रभुता के आंदोलन का नेतृत्व करते हुए, पूर्णतः संकल्पित, ऊर्जा से परिपूर्ण और एक बिल्कुल स्वस्थ व्यक्ति के रूप में कश्मीर की सीमा में प्रवेश किया, वह महज कुछ ही दिनों में वहां जेल के सींखचों के भीतर अचानक बीमार होकर रहस्यमयी तरीके से मृत कैसे हो सकता है?”
मदन राठौड़ ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सत्ता या पद की नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की राजनीति की। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जिस आत्मविश्वास के साथ विश्व पटल पर आगे बढ़ रहा है, उसमें डॉ. मुखर्जी के विचारों और संकल्पों की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों पर चलकर ही विकसित भारत का संकल्प साकार होगा।
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने छात्र शक्ति के बीच राष्ट्रवाद की भावना पर बल देते हुए कहा कि श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का कश्मीर के मुद्दे पर मां भारती की एकता के लिए सबसे अहम, युगप्रवर्तक और अविस्मरणीय योगदान है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने संपूर्ण राष्ट्र को “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का कालजयी नारा दिया था। इसी संकल्प को पूरा करने और कश्मीर को भारत का अटूट हिस्सा बनाए रखने के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी, जिसे आने वाली पीढ़ियां युगों-युगों तक नहीं भुला सकेंगी।
अजेय कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, उनके विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद केवल एक विचार नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का आधार है। जब युवा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं, तभी समाज और देश सशक्त बनता है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता इसी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य धनंजय शर्मा ने युवाओं को आधुनिक भारत के निर्माण और सामाजिक सरोकारों की मुख्य धुरी बताते हुए देश के समग्र विकास में छात्र शक्ति की महत्ता को प्रभावी ढंग से प्रतिपादित किया।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा और भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे। वहीं, भाजयुमो प्रदेश महामंत्री ऋषिकेश मीणा, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष दीन दयाल गुर्जर तथा भाजयुमो जयपुर जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह पुरुवंशी भी मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री लोकेंद्र सिंह ने किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं और छात्र शक्ति की उपस्थिति रही।