श्री रमेश कुमार ने संभाला पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अपर महाप्रबंधक का कार्यभार
1991 बैच के आईआरएसई अधिकारी रमेश कुमार अमृत भारत स्टेशन योजना और डिमापुर-कोहिमा नई लाइन जैसी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का व्यापक अनुभव रखते हैं।
आईआरएसई अधिकारी श्री रमेश कुमार जिन्होंने 1 जून, 2026 को गुवाहाटी स्थित मुख्यालय में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के नए अपर महाप्रबंधक (एजीएम) के रूप में अपना आधिकारिक पदभार ग्रहण किया।
भारतीय रेल में बुनियादी ढांचे के विकास और परियोजना प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ़ इंजीनियर्स (आईआरएसई) के वरिष्ठ अधिकारी श्री रमेश कुमार ने 1 जून, 2026 को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के अपर महाप्रबंधक (एजीएम) का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यभार संभाल लिया है। तीन दशकों से भी अधिक का समृद्ध, विविध और उत्कृष्ट अनुभव रखने वाले श्री कुमार के इस शीर्ष पद पर आने से पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेलवे के जारी महा-अभियानों और रणनीतिक परियोजनाओं को एक अभूतपूर्व गति मिलने की उम्मीद है।
श्री रमेश कुमार गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय, नैनीताल से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और 1991 बैच के प्रतिष्ठित आईआरएसई अधिकारी हैं। उन्होंने नवंबर, 1992 में भारतीय रेल में अपनी सेवाओं की शुरुआत की थी। अपने विशिष्ट और शानदार करियर के दौरान उन्होंने रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास, निर्माण, रखरखाव और बड़े पैमाने पर परियोजना प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी गहरी तकनीकी सूझबूझ का लोहा मनवाया है। इस नियुक्ति से पहले वह दक्षिण पूर्व रेलवे, रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए), रेलवे बोर्ड और खुद पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में कई अति-महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
उनके करियर के सफरनामे पर नजर डालें तो उन्होंने दक्षिण पूर्व रेलवे में सहायक अभियंता और मंडल अभियंता के रूप में अपनी सेवा यात्रा को सुदृढ़ किया। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण तमलुक-दीघा नई लाइन परियोजना के लिए उप मुख्य अभियंता के रूप में कार्य करते हुए जटिल निर्माण कार्यों को अंजाम दिया। वह रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) में संयुक्त महाप्रबंधक जैसी बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और रेलवे बोर्ड में निदेशक (भूमि एवं सुविधाएं) के नीति-निर्धारक पद पर भी तैनात रहे हैं।
एनएफआर के एजीएम का यह शीर्ष कार्यभार संभालने से ठीक पहले, श्री कुमार पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में ही मुख्य परियोजना निदेशक/स्टेशन विकास के रूप में कार्यरत थे। इस पद पर रहते हुए उन्होंने विभिन्न रेलवे स्टेशनों के आधुनिक पुनर्विकास और प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी 'अमृत भारत स्टेशन योजना' (एबीएसएस) परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में केंद्रीय भूमिका निभाई। उन्हें स्टेशन पुनर्विकास, नई रेल लाइन निर्माण, भूमि प्रबंधन और जटिल मध्यस्थता मामलों का व्यापक विधिक व तकनीकी अनुभव प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, वह डिमापुर-कोहिमा नई लाइन जैसी दुर्गम और चुनौतीपूर्ण परियोजना के लिए मुख्य अभियंता/निर्माण के पद पर भी सफल सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने चक्रधरपुर मंडल के दुर्गम घाट सेक्शनों में निर्माण तथा बुनियादी ढांचा के विकास से संबंधित प्रमुख पदों के साथ-साथ भारतीय रेल की कई अन्य बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया है।
श्री रमेश कुमार की इस रणनीतिक और आधिकारिक नियुक्ति का पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों ने व्यापक स्तर पर हार्दिक स्वागत किया है। सभी ने जोन के अपर महाप्रबंधक के रूप में उनके सफल और प्रभावशाली कार्यकाल के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि उनके इस विशाल प्रशासनिक और मैदानी अनुभव का सीधा लाभ उत्तर-पूर्व के सीमांत राज्यों में चल रहे रेल नेटवर्क के विस्तार को मिलेगा।