जयपुर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, अस्थाई अतिक्रमण हटाकर 6 केंटर सामान जब्त किया
आयुक्त ओम कसेरा के निर्देश पर सतर्कता शाखा ने दुर्गापुरा और सीकर रोड सहित कई इलाकों से अवैध कब्जे हटाए, 12 हजार रुपये का कैरिंग चार्ज भी वसूला।
जयपुर के दुर्गापुरा क्षेत्र में सड़क किनारे से अस्थाई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए केबिन और सामान को केंटर वाहन में लोड करते नगर निगम के कर्मचारी।
गुलाबी नगरी को अवैध कब्जों और अस्थाई अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए नगर निगम जयपुर की सतर्कता शाखा ने बुधवार को एक बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। नगर निगम जयपुर के आयुक्त श्री ओम कसेरा के सख्त और स्पष्ट निर्देशानुसार एवं पूर्व से लगातार प्राप्त हो रही जनशिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए यह त्वरित एक्शन लिया गया। उपायुक्त सतर्कता के कुशल एवं कड़े नेतृत्व में सतर्कता शाखा की टीम ने नगर निगम जयपुर क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रमुख एवं व्यस्ततम इलाकों में अचानक दबिश देकर अवैध अतिक्रमण करने वालों के हौसले पस्त कर दिए। इस व्यापक अभियान के दौरान टीम ने मौके से 12 हजार रुपये का कैरिंग चार्ज वसूल किया और अतिक्रमण की गई भारी मात्रा में सामग्री को समेटते हुए 6 केंटर सामान जब्त कर लिया।
नगर निगम की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से शहर के अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। उपायुक्त सतर्कता ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम जयपुर क्षेत्राधिकार में आने वाले सरावली मेन्शन, झालाना डूंगरी, दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन के सामने, झारखण्ड महादेव मन्दिर से खातीपुरा तिराहा सिरसी रोड़ तक, महिला पुलिस थाना के पास सीकर रोड़, मध्यम मार्ग वीटी रोड़, विजय पथ शिप्रापथ एवं महारानी फार्म दुर्गापुरा आदि महत्वपूर्ण स्थानों से अस्थाई अतिक्रमण को पूरी तरह से हटवाया गया। इस सुनियोजित एवं प्रभावी कार्रवाई के दौरान सड़क और फुटपाथों को अवरुद्ध कर रहे 6 केंटर अवैध सामान को मौके पर ही जब्त कर नगर निगम के सरकारी गोदाम में भिजवा दिया गया। इसके साथ ही, नियमों को ताक पर रखकर अस्थाई अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों और वेंडर्स से मौके पर ही सख्त रुख अपनाते हुए 12 हजार रुपये का कैरिंग चार्ज नकद वसूल किया गया।
इस पूरी कार्रवाई के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सतर्कता टीम ने क्षेत्र के दौरे के दौरान सख्त रुख अख्तियार किया। टीम द्वारा मौके पर ही अतिक्रमणकारियों को समझाइश भी की गई और साथ ही मौखिक रूप से कड़ाई से पाबंद करवाया गया कि वे भविष्य में अपने अस्थाई अतिक्रमण को समय रहते स्वतः ही हटा लें। प्रशासन ने इस दौरान दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में पुनः इन क्षेत्रों में अवैध कब्जा पाया गया, तो नगर निगम जयपुर के क्षेत्राधिकार में अवैध अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध इससे भी भारी चालान काटने की या अत्यंत प्रभावी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस कड़े कदम ने यह साफ संदेश दे दिया है कि शहर की यातायात व्यवस्था और सुंदरता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।