राजस्थान पुलिस चलाएगी हेलमेट चेकिंग अभियान, सहयात्री के लिए भी नियम जरूरी
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 15 दिवसीय विशेष अभियान चलेगा, बिना हेलमेट यात्रा करने वाले चालकों और सहयात्रियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई।
तस्वीर में एक सरकारी जनसुनवाई अथवा प्रशासनिक शिविर टेंट के नीचे कई लोग एकत्रित दिखाई दे रहे हैं, जहां अग्रभाग में एक महिला और पुरुष आपस में चर्चा कर रहे हैं और आसपास अन्य अधिकारी व नागरिक खड़े हैं।
राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अकाल मौतों को रोकने और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस 02 जुलाई 2026 से 16 जुलाई 2026 तक प्रदेशभर में 15 दिवसीय "राज्यव्यापी विशेष हेलमेट जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान" संचालित करेगी। इस अभियान के तहत दुपहिया वाहन चालक के साथ-साथ पीछे बैठने वाले सहयात्री के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य रहेगा। अभियान का उद्देश्य आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है।
यह अभियान महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार तथा महानिदेशक पुलिस (यातायात) श्री अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में संचालित किया जाएगा। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी. एल. मीणा द्वारा जारी आदेश के तहत राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों एवं समस्त जिला पुलिस अधीक्षकों को मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत प्रभावी और सख्त प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित राज्य सड़क सुरक्षा रणनीति एवं कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत वर्ष 2030 तक प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं तथा दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्युदर में चरणबद्ध तरीके से 50 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी लक्ष्य की दिशा में यह विशेष अभियान महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजस्थान पुलिस के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में दुपहिया वाहन चालक और उनके साथ पीछे बैठने वाले सहयात्री नियमित रूप से हेलमेट का उपयोग नहीं करते हैं। हेलमेट नहीं पहनने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में सिर पर गंभीर चोट लगने से मृत्यु एवं स्थायी विकलांगता के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से चालक और सहयात्री दोनों के लिए हेलमेट का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए आमजन में व्यापक जागरूकता विकसित करने तथा मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान तैयार किया गया है।
अभियान के दौरान राजस्थान पुलिस अकेले कार्य नहीं करेगी, बल्कि परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी व्यापक सहयोग लिया जाएगा। ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, कॉलेजों, प्रमुख बाजारों, चौराहों, ग्रामीण हाटों और सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, सड़क सुरक्षा शपथ रैली, प्रचार वाहन तथा ग्राम सभाओं के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर "बिना हेलमेट नहीं सफर – चालक एवं सहयात्री दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य" तथा "आईएसआई मार्क हेलमेट ही जीवन रक्षा का साधन" जैसे संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों।
विशेष हेलमेट जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान केवल हेलमेट जांच तक सीमित नहीं रहेगा। अभियान के दौरान पुलिस की टीमें राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले चालकों एवं सहयात्रियों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगी। इसके साथ ही तेज गति से वाहन चलाने वालों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों तथा अन्य सड़कों पर अवैध पार्किंग करने वालों और राष्ट्रीय राजमार्ग के छह लेन एवं एक्सप्रेसवे पर लेन सिस्टम का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध भी सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे स्वयं हेलमेट पहनें, अपने परिवार और सहयात्रियों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित राजस्थान के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।