राजस्थान पुलिस का जीरो टॉलरेंस मॉडल: अपराधियों में डर, आमजन में विश्वास पर डीजीपी का जोर
राजस्थान पुलिस के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जीरो टॉलरेंस नीति, साइबर क्राइम, स्मार्ट पुलिसिंग और नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
जयपुर, 14 अगस्त। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राजस्थान पुलिस के महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने प्रदेशवासियों के साथ-साथ पुलिस परिवार के अधिकारियों और जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस ‘अपराधियों में डर, आमजन में विश्वास’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
डीजीपी श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप राजस्थान पुलिस पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। संगठित अपराध, हार्डकोर अपराधियों और नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के तहत अवैध संपत्तियों को जब्त करने, हथियार एवं मादक पदार्थों की बरामदगी और अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य लक्ष्य अपराध होने से पहले ही उसे रोकना है।
बदलते दौर में साइबर अपराधों को नई चुनौती बताते हुए डीजीपी ने कहा कि राजस्थान पुलिस ने इनके प्रभावी नियंत्रण के लिए राजस्थान पुलिस साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) की स्थापना की है। उन्होंने आमजन से अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
राजस्थान पुलिस को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए प्रतिभाशाली युवाओं और प्रोफेशनल्स की भर्ती की जा रही है। इससे स्मार्ट पुलिसिंग को नई दिशा मिल रही है। इसके साथ ही देश में लागू हुए नवीन न्याय संहिताओं के अनुरूप पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान करने और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने पर लगातार काम किया जा रहा है।
पुलिस के प्रयासों के परिणामों का उल्लेख करते हुए डीजीपी श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में अपराध के आंकड़ों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने पुलिस बल से कहा कि वर्दी अधिकार के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी देती है। इसलिए कर्तव्यनिष्ठा, निष्पक्षता और संवेदनशीलता को अपनी पहचान बनाया जाना चाहिए।
डीजीपी ने आमजन से भी पुलिस का सहयोग करने, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील नागरिक की भूमिका निभाने का भी आह्वान किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी से सुरक्षित, अपराधमुक्त, नशामुक्त और विकसित राजस्थान के निर्माण में भागीदार बनने का संकल्प लेने की अपील की।