तस्वीर में जोधपुर में पुलिस अधिकारियों के साथ गिरफ्तार किए गए दो शार्प शूटर जमीन पर बैठे दिख रहे हैं।   

जयपुर, 20 सितंबर। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने जोधपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग के दो इनामी शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, दोनों जोधपुर शहर में बड़ी रंगदारी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।

यह संयुक्त कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एटीएस, एजीटीएफ और एएनटीएफ श्री दिनेश एम.एन. के निर्देशन तथा जोधपुर कमिश्नर श्री अंशुमन भोमिया, उपमहानिरीक्षक पुलिस श्री योगेश यादव एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन में की गई। फील्ड में ऑपरेशन का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक श्री रविंद्र प्रताप, पुलिस निरीक्षक श्री सुनील जांगिड़ एवं श्री राम सिंह ने किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा, उम्र 23 वर्ष, निवासी हरसिंह रायनगर, फाजिल्का, पंजाब और राजिन्दर उर्फ बिल्ला, उम्र 23 वर्ष, निवासी बलुआना, थाना सदर अबोहर, फाजिल्का, पंजाब के रूप में हुई है।

पंजाब में लॉरेंस बिश्नोई और आरजू बिश्नोई गैंग से जुड़े बदमाशों की सनसनीखेज वारदातों तथा राजस्थान के व्यापारियों को धमकी दिए जाने के मामलों को देखते हुए एजीटीएफ की टीमों ने गैंग के शूटरों और राजस्थान से लगे हरियाणा-पंजाब क्षेत्र के उन बदमाशों पर विशेष निगरानी शुरू की थी, जो राजस्थान में वारदात कर वापस फरार हो जाते हैं।

गिरफ्तार जसकरण सिंह उर्फ करण और राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग के शार्प शूटर बताए गए हैं। पंजाब पुलिस को दोनों की लंबे समय से तलाश थी। दोनों अबोहर में कपड़ा व्यापारी संजय वर्मा की हत्या तथा फाजिल्का में साहिल सेन की रंजिशवश हत्या सहित कई मामलों में वांछित बताए गए हैं। इन्हीं मामलों के चलते पंजाब पुलिस ने दोनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

राजस्थान में व्यापारियों को फिरौती के लिए धमकी देने और अपहरण जैसी वारदातों को देखते हुए एजीटीएफ की टीमों ने ऐसे मामलों में सक्रिय गिरोहों तथा पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे बदमाशों पर निगरानी बढ़ाई थी। इसी दौरान जसकरण सिंह उर्फ करण और राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला के लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग से जुड़े होने तथा राजस्थान में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की संभावना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एजीटीएफ के संज्ञान में आईं।

पंजाब पुलिस के अलावा हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश पुलिस को भी दोनों बदमाशों की तलाश थी। करीब डेढ़ वर्ष पहले फाजिल्का और अबोहर में हत्या की वारदातों के बाद दोनों के नेपाल भाग जाने के इनपुट सामने आए थे। इसके बाद एजीटीएफ ने दोनों की गतिविधियों और संभावित आवागमन को लेकर लगातार आसूचना संकलित की और उनकी संभावित वापसी पर नजर बनाए रखी।

नेपाल में बढ़ते दबाव के बाद दोनों भारत लौटे और मध्य प्रदेश के रास्ते राजस्थान में प्रवेश की तैयारी में थे। कार्रवाई से करीब तीन दिन पहले दोनों के सिरोही में होने तथा वहां से जोधपुर की ओर बढ़ने का इनपुट एजीटीएफ को मिला। इसके बाद एजीटीएफ ने दोनों की संभावित गतिविधियों और आवागमन पर निगरानी तेज कर दी।

जोधपुर में किसी बड़े व्यापारी को निशाना बनाकर उसे धमकाने और करोड़ों रुपये की फिरौती मांगने की आशंका के बीच एजीटीएफ की टीम लगातार सक्रिय रही। निगरानी के दौरान दोनों आरोपियों के जोधपुर पहुंचने की पुष्टि होने पर एजीटीएफ ने जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की और दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों आरोपियों के उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड को मिलाकर कुल 12 प्रकरण सामने आए हैं। राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला के विरुद्ध 8 तथा जसकरन सिंह उर्फ करन के विरुद्ध 4 मामले पंजाब में दर्ज हैं। राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला के विरुद्ध वर्ष 2023 से 2025 के बीच अबोहर, फाजिल्का व संगरूर में दर्ज 8 मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी, चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराध, सामूहिक हिंसा तथा आर्म्स एक्ट के प्रकरण शामिल हैं।

वहीं जसकरन सिंह उर्फ करन कट्टा के विरुद्ध फाजिल्का व अबोहर में दर्ज 4 मामलों में हत्या, मारपीट व हथियार से चोट पहुंचाने, बलवा एवं सामूहिक हिंसा, आपराधिक धमकी, लूट तथा आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज हैं।

इस कार्रवाई में एजीटीएफ के एएसआई श्री राकेश की विशेष भूमिका रही। आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस निरीक्षक श्री रामसिंह, हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार 2107, कांस्टेबल रविन्द्र सिंह 526, सुमेर सिंह 571, राकेश 592, राकेश कुमार 492 तथा कांस्टेबल चालक दिनेश चंद 625 की भूमिका रही। कार्रवाई में थानाधिकारी एयरपोर्ट जोधपुर पूर्व श्री भरत सिंह रावत मय टीम का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके जोधपुर आने के उद्देश्य, संभावित वारदात तथा गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों एवं संपर्कों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। एजीटीएफ और जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पंजाब में हत्या समेत कई मामलों में वांछित और 5-5 लाख रुपये के इनामी दोनों शार्प शूटरों की गिरफ्तारी हुई है।

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