भारत सरकार के संयुक्त सचिव अमित अग्रवाल ने राजस्थान में पंचायती राज योजनाओं की समीक्षा, सुशासन पर दिया जोर

भारत सरकार के संयुक्त सचिव अमित अग्रवाल ने जयपुर में पंचायती राज विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास पर अहम चर्चा की।

Update: 2026-07-07 14:25 GMT

तस्वीर में (बाएं से दाएं) कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक के दौरान सोफे पर बैठकर आपस में चर्चा करते हुए तीन विभागीय अधिकारी।

भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री अमित अग्रवाल ने तीन दिवसीय राजस्थान दौरे के दौरान पंचायती राज विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज विभाग डॉ. जोगाराम से शिष्टाचार भेंट कर विभागीय कार्यों और प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया। इसके बाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे नवाचारों, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल गवर्नेंस, ग्राम पंचायतों में सुशासन की पहल तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति और उनके प्रभावी संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार साझा किए।

बैठक के दौरान डेश बोर्ड (DeSH Board) से संबंधित गतिविधियों, पीआईए के कार्यों, निर्भया जागरूकता कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA), ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों की प्रगति और प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही योजनाओं के बेहतर समन्वय, क्षमता निर्माण, जनभागीदारी तथा ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

संयुक्त सचिव श्री अमित अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण, डिजिटल सेवाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।

दौरे के दौरान श्री अमित अग्रवाल ने राजस्थान पंचायती राज विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों और सुशासन की पहलों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से पंचायती राज संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने गांवों के विकास के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करने के लिए निरंतर सहयोग और समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया।

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