जयपुर चारदिवारी संरक्षण पर बुधवार को कार्यशाला, विरासत बचाने के लिए हितधारकों को मिलेगा मार्गदर्शन

जयपुर में बुधवार को चारदिवारी संरक्षण पर विशेष कार्यशाला होगी। UNESCO विश्व धरोहर संरक्षण, Heritage Byelaw-2020 और सामुदायिक सहभागिता पर रहेगा फोकस।

Update: 2026-07-07 14:13 GMT

जयपुर की विश्व धरोहर चारदिवारी के संरक्षण और विरासत संवर्धन को लेकर नगर निगम जयपुर बुधवार को एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित करेगा। नगर निगम और DRONAH FOUNDATION के संयुक्त तत्वावधान में JAIPUR HERITAGE COMMUNITY OUTREACH AND CONSULTATION PROGRAMMA के अंतर्गत नगर निगम पार्ट-द्वितीय मुख्यालय में “OUR HERITAGE, OUR VOICE (हमारी विरासत, हमारी आवाज)” विषय पर सामुदायिक मूल्य एवं विरासत व्याख्या कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

कार्यशाला में चारदिवारी क्षेत्र के व्यापार संघों, व्यापार मंडलों तथा संबंधित विभागों, संस्थाओं और संघों को UNESCO विश्व धरोहर के रूप में चारदिवारी क्षेत्र के संरक्षण, उसके ऐतिहासिक एवं स्थापत्य स्वरूप को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से प्रभावी WAELLED CITY HERITAGE CONSERVATION AND PROTECTION BYELAWA-2020 तथा REGULATION 2022 की जानकारी दी जाएगी। इसके माध्यम से विरासत संरक्षण से जुड़े नियमों और प्रावधानों के प्रति विभिन्न हितधारकों को जागरूक किया जाएगा।

यह कार्यक्रम परकोटा क्षेत्र के निवासियों, संपत्ति स्वामियों, शिल्पकारों तथा अन्य हितधारकों के लिए विरासत जागरूकता, क्षमता निर्माण, सामुदायिक परामर्श और तकनीकी मार्गदर्शन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक साझा मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है। यह पहल Jaipur Special Area Heritage Plan (SAHP) की तैयारी में सहयोग प्रदान करेगी तथा स्थानीय समुदायों को विरासत संरक्षण, Adaptive Reuse, Heritage Interpretation, पारंपरिक निर्माण तकनीकों, कला एवं शिल्प तथा सतत आजीविका सृजन जैसे विषयों पर संवाद और सहभागिता के अवसर उपलब्ध कराएगी।

कार्यशाला में परकोटा क्षेत्र के निवासी, शिल्पकार, महिलाएं, युवा, व्यापारी, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा अन्य सामुदायिक हितधारक भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान जयपुर की विरासत से जुड़े सामुदायिक मूल्यों के मानचित्रण (Community Value Mapping) तथा विरासत की सामुदायिक व्याख्या (Co-Authoring Heritage Interpretation) की प्रक्रिया भी संचालित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य चारदिवारी क्षेत्र की विरासत के संरक्षण में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और संरक्षण संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।

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