राजस्थान के राजमार्ग-925 के गगरिया-बाखासर खंड और एनएच-925ए के सट्टा-गंधव खंड प्रोजेक्ट ने ‘ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026’ में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एवेन्यू प्लांटेशन श्रेणी में इस उपलब्धि की घोषणा की। इन पुरस्कारों का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में सतत हरित प्रथाओं को अपनाने में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है।

एवेन्यू प्लांटेशन श्रेणी में आंध्र प्रदेश के एनएच-16 पर चिलकलूरिपेट बाइपास के छह लेन प्रोजेक्ट को पहला स्थान मिला, जबकि गुजरात के डोदरा-किम एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट ने दूसरा स्थान हासिल किया।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सतत हरित प्रथाओं और स्वस्थ पौधारोपण को बढ़ावा देने एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एनएचएआई ने ‘ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ की स्थापना की है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर हरित एवं पौधारोपण प्रबंधन की बेहतरीन प्रथाओं को मान्यता देना है।

‘ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026’ के विजेताओं की घोषणा तीन श्रेणियों में की गई। इनमें सड़क के किनारे पौधारोपण, सड़क के बीच पौधारोपण और भूखंड में पौधारोपण शामिल हैं। भूखंड में पौधारोपण श्रेणी में क्लोवर लीव्स, इंटरचेंज, टोल प्लाजा एवं सर्विस एरिया में पौधारोपण भी शामिल है।

पुरस्कारों के लिए एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों, रियायत धारकों, ठेकेदारों, सरकारी एजेंसियों, गैर-सरकारी संगठनों और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के साथ वृक्षारोपण परियोजनाओं में शामिल निजी एजेंसियों से प्रविष्टियां मंगाई गई थीं।

एनएचएआई के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पुरस्कारों के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए थे। एनएचएआई को ‘ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ के लिए देशभर से 86 नामांकन प्राप्त हुए। इनमें सड़क के किनारे पौधारोपण के लिए 27, सड़क के बीच पौधारोपण के लिए 36 और भूखंड में पौधारोपण के लिए 23 नामांकन शामिल थे।

नामांकन के साथ प्रस्तुतियों में जियो-टैग की गई तस्वीरें, ड्रोन वीडियो, साइट के हिसाब से पौधारोपण योजना और पौधों के जीवित रहने की दर का डेटा शामिल था।

प्रारंभिक स्क्रीनिंग के बाद 15 नामांकनों को अंतिम मूल्यांकन के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। प्रत्येक श्रेणी से पांच-पांच नामांकन चुने गए। मूल्यांकन एक व्यापक आकलन संरचना के तहत किया गया, जिसमें पौधों के जीवित रहने की दर को सबसे अधिक महत्व दिया गया।

अन्य मापदंडों में साइट-विशिष्ट पौधारोपण कार्य योजना, पौधारोपण कार्यों का समय, गड्ढों का आकार, रोपण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा उपाय, अनुमोदित डिजाइन के अनुसार कार्यान्वयन, प्रजातियों की विविधता, उपयुक्तता एवं मूल प्रजातियों का उपयोग शामिल था। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में बड़े स्तर पर दोहराए जाने की गुणवत्ता, स्थिरता, प्रभावशीलता और संभावना पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

एनएचएआई ने ‘ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ की शुरुआत 2025 में की थी, जैसा कि ग्रीन हाईवेज पॉलिसी, 2015 में तय किया गया था। ये पुरस्कार पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विकास के साथ पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखने के प्रति एनएचएआई की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।

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