भजनलाल सरकार ने दिए 1.93 लाख रोजगार, मदन राठौड़ ने गिनाईं उपलब्धियां
34 माह के कार्यकाल में पारदर्शी भर्तियों, एमएसएमई ऋण और लखपति दीदी योजना के जरिए प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर दिया जोर।
जयपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सरकार की रोजगार उपलब्धियों की जानकारी दी।
जयपुर, 25 अक्टूबर 2026। राजस्थान में युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने भर्ती से लेकर ग्रामीण उद्यमिता तक कई पहल की हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सरकार के 34 माह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में 410 से अधिक परीक्षाएं बिना पेपर लीक के आयोजित कराई गई हैं। सरकार अब तक 1.93 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दे चुकी है, जबकि 1.18 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और 70,031 पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है।
मदन राठौड़ ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर प्रदेश के विकास में भागीदार बनाना भी है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी गई है। सरकारी भर्तियों के साथ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। उनके अनुसार, पांच लाख से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया है। आगामी समय में सरकारी और निजी क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप 10 लाख रोजगार अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार ग्रामीण युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी बनाने की दिशा में भी प्रयास कर रही है। आईटीआई पासआउट युवाओं और प्रशिक्षुओं को रोजगार तथा स्टार्टअप से जोड़ने के प्रावधान किए जा रहे हैं। बड़े उद्योगों के माध्यम से 20 से 25 लाख रोजगार सृजित करने की योजना तैयार की गई है। वहीं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) से जुड़े निकायों को प्रोत्साहित करने के लिए 500 करोड़ रुपये के निवेश से न्यूनतम ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्यमों, स्थानीय कारोबार और आजीविका के नए अवसरों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
मदन राठौड़ ने कहा कि राजीविका के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों को आजीविका संवर्धन के लिए 1,000 करोड़ रुपये और बैंक क्रेडिट के रूप में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक उपलब्ध कराए जाएंगे। राजस्थान महिला निधि के माध्यम से लखपति दीदियों को 1.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर 1.50 लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध कराने और 25 लाख महिलाओं को लखपति दीदी श्रेणी में लाने को प्राथमिकता दी जा रही है।
ग्रामीण महिलाओं के लिए 25,000 सोलर दीदियों का राज्यव्यापी कैडर विकसित करने की पहल भी की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बुनकरों और राजीविका स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को बीमा कवरेज देने तथा महिला खिलाड़ियों को पांच लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने के प्रावधान किए गए हैं।
भाजपा सरकार रोजगार के साथ शिक्षा और कौशल विकास को जोड़ने पर भी जोर दे रही है। कृषि शिक्षा प्रोत्साहन के अंतर्गत 90,401 छात्राओं को 155 करोड़ रुपये की सहायता से लाभान्वित किए जाने का उल्लेख किया गया है। इस योजना के तहत कृषि स्नातक छात्राओं को 15,000 रुपये, स्नातकोत्तर छात्राओं को 25,000 रुपये और कृषि में पीएचडी करने वाली छात्राओं को 40,000 रुपये प्रोत्साहन देने का प्रावधान है।
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए 13 खेल अकादमियों में 895 विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। खेल अकादमियों के आवासीय विद्यार्थियों को प्रतिमाह 4,000 रुपये तथा छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतिमाह 3,250 रुपये मैस भत्ता दिया जा रहा है। इसके साथ ही जनजातीय युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने के लिए 4,776 युवाओं को प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।
मदन राठौड़ के अनुसार, सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, खेल, सरकारी भर्ती, निजी रोजगार और स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें। सरकारी नियुक्तियों, निजी क्षेत्र में रोजगार, महिला उद्यमिता, स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता और ग्रामीण उद्योगों को प्रोत्साहन देने वाली पहलों के माध्यम से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।