जयपुर: भांकरोटा जैन मंदिर मेले का पार्श्वनाथ पूजन और महामंगल आरती के साथ समापन
अजमेर रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान हुए, जहां श्रद्धालुओं ने विश्व शांति की प्रार्थना की।
जयपुर के भांकरोटा दिगंबर जैन मंदिर मेले में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान विधान पूजन करते श्रद्धालु।
जयपुर के भांकरोटा जैन मंदिर में दो दिवसीय वार्षिक मेले का रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को धार्मिक अनुष्ठानों, पार्श्वनाथ भगवान के कलशाभिषेक और महामंगल आरती के साथ समापन हुआ। अजमेर रोड स्थित अतिशय क्षेत्र दिगंबर जैन मंदिर में मेले के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर शांतिधारा, विधान पूजन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस अवसर पर आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए धर्म और कर्म में शुद्धता को आवश्यक बताया।
रविवार सुबह 7:15 बजे मंदिर के मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान का स्वर्ण एवं रजत कलशों से कलशाभिषेक किया गया। इसके बाद आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी के मुखारविंद से वृहद शांतिधारा संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने शांतिधारा अर्घ्य समर्पित कर विश्व में शांति और जनकल्याण की मंगल भावना व्यक्त की।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ने कहा कि जिस प्रकार तन को स्वच्छ और मन को निर्मल रखना जरूरी है, उसी प्रकार धर्म और कर्म में भी शुद्धता आवश्यक है। धर्म केवल मंदिर जाने, पूजा-पाठ करने या माला फेरने तक सीमित नहीं है। विचारों की पवित्रता, वाणी की मधुरता और व्यवहार की सरलता ही सच्चे धर्म की पहचान है। उन्होंने कहा कि पूजा करने के बावजूद यदि मन में द्वेष, व्यवहार में छल-कपट और कर्मों में अशुद्धता है, तो आत्मचिंतन जरूरी है। धर्म की सुंदरता दिखावे में नहीं, बल्कि भावों की पवित्रता में है। प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे कर्म करने चाहिए, जिनसे दूसरों का भला हो।
अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवा एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ससंघ के सानिध्य में सुबह 11:15 बजे विधान पूजन प्रारंभ हुआ। श्रावक-श्राविकाओं ने मंडल शुद्धि एवं कलश स्थापना के बाद मंत्रोच्चार और भक्तिभाव के साथ जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप, फल एवं महार्घ अर्पित कर जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की।
इस दौरान मेला संयोजक नगेंद्र सेठी, महेंद्र जैन सहित मंदिर व्यवस्था से जुड़े सदस्यों और महिला मंडल की सदस्याओं ने विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और साफा बांधकर स्वागत-सम्मान किया। मानसरोवर, कमला नेहरू नगर, डीसीएम, वैशाली नगर, निर्वाण नगर, इंजीनियर्स कॉलोनी और वर्धमान सरोवर सहित विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु एवं अतिथि मेले में पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी के पाद प्रक्षालन कर उन्हें शास्त्र भेंट किए और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। विधान पूजन के बाद समाज की सामूहिक गोठ आयोजित हुई। शाम को महामंगल आरती के साथ भांकरोटा दिगंबर जैन मंदिर के दो दिवसीय वार्षिक मेले का विधिवत समापन हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों और सामूहिक सहभागिता के साथ संपन्न इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने पार्श्वनाथ भगवान की आराधना कर विश्व शांति एवं जनकल्याण की भावना व्यक्त की।