पीएम फसल बीमा योजना खरीफ 2026: किसानों के बीमा में गलती पर वित्तीय संस्थान होंगे जिम्मेदार
राजस्थान में पीएम फसल बीमा योजना खरीफ 2026 के नामांकन को लेकर वित्तीय संस्थानों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। किसानों की फसल, भूमि और केसीसी विवरण में गलती होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत खरीफ 2026 एवं रबी 2026-27 सत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद कृषि विभाग ने वित्तीय संस्थानों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। किसानों को सही फसल बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने और क्लेम विवादों से बचाने के लिए नामांकन प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरतने को कहा गया है।
योजना के प्रावधानों के अनुसार खरीफ 2026 के नामांकन शुरू होने पर वित्तीय संस्थानों की जिम्मेदारी होगी कि पात्र किसानों से संबंधित भूमि रिकॉर्ड, फसल का नाम, केसीसी सहित सभी आवश्यक जानकारी राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर सही-सही दर्ज की जाए।
कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने इस संबंध में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के समन्वयक, अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक, राजस्थान ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार तथा सीएससी के राज्य प्रमुख को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
पत्र में कृषि आयुक्त ने बताया कि पिछले वर्षों में कई बार यह सामने आया है कि बीमाकर्ता वित्तीय संस्थानों द्वारा किसानों की भूमि और फसल संबंधी जानकारी की जांच किए बिना ही फसल बीमा पॉलिसियां तैयार कर दी जाती हैं। किसानों के वास्तविक विवरण और बनाई गई बीमा पॉलिसियों के विवरण में अंतर होने के कारण फसल बीमा क्लेम विवादित हो जाते हैं और उनके निपटारे में देरी होती है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस समस्या को रोकने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में फसल बीमा पॉलिसी तैयार करते समय किसानों से संबंधित सभी बीमा विवरण राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर सही तरीके से दर्ज किए जाएं। किसानों द्वारा बोई गई फसल अथवा प्रस्तावित बोई जाने वाली फसल का सही विवरण ही पोर्टल पर दर्ज किया जाए।
कृषि आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि बीमित फसल और किसानों द्वारा वास्तव में बोई गई फसल के विवरण में अंतर पाया जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित वित्तीय संस्थान की होगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि फसल बीमा पॉलिसी के लिए नामांकन संबंधित किसान की सहमति से ही किया जाए। किसान को जानकारी दिए बिना केवल केसीसी में दर्ज फसल के आधार पर अपने स्तर से फसल बीमा पॉलिसी तैयार करना किसानों के हित में नहीं है।
कृषि आयुक्त ने सभी संबंधित वित्तीय संस्थानों से कहा है कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को समय पर सही फसल बीमा सुरक्षा मिल सके और क्लेम से जुड़े विवादों से बचा जा सके।