प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता पर सख्ती, फर्जीवाड़े पर होगी कठोर कार्रवाई
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन को लेकर कृषि विभाग ने सख्ती दिखाई है। आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने पॉलिसी जांच, फसल कटाई प्रयोग और पोस्ट हार्वेस्ट सर्वे में पारदर्शिता के निर्देश दिए।
जयपुर, 24 अगस्त। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पारदर्शी, प्रभावी एवं किसान हितैषी क्रियान्वयन को लेकर कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। योजना के तहत पात्र किसानों को वास्तविक लाभ समय पर मिले और किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को आयुक्त कृषि श्री नरेश कुमार गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आयुक्त कृषि ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ निर्धारित दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ पात्र किसानों तक समय पर और वास्तविक रूप से पहुंचना चाहिए।
बैठक में फसल बीमा पॉलिसियों की जांच एवं अनुमोदन प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पॉलिसियों का सत्यापन निर्धारित नियमों के अनुरूप गंभीरता से किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
ऑफलाइन गांवों तथा नवीन ऋणी किसानों की फसल बीमा पॉलिसियों को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। ऐसी पॉलिसियों का डीएलएमसी से नियमानुसार अनुमोदन कराने तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई पात्र किसान बीमा सुरक्षा से वंचित नहीं रहे।
आयुक्त कृषि ने ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोगों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से संपादित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फसल कटाई प्रयोगों के आंकड़े योजना के तहत किसानों को मिलने वाले बीमा दावों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में पोस्ट हार्वेस्ट नुकसान के मामलों में प्राप्त इंटिमेशन तथा नियमानुसार सर्वे की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को प्रभावित किसानों के मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर सर्वे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े, गलत जानकारी, अनियमित पॉलिसी अथवा नियमों के उल्लंघन को लेकर भी बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए। आयुक्त कृषि ने कहा कि योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन में बाधा डालने वाले तथा फर्जीवाड़ा करने वाले किसी भी हितधारक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजना के प्रत्येक चरण की प्रभावी मॉनिटरिंग करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ वास्तविक एवं पात्र किसानों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे।
बैठक में संबंधित अधिकारियों ने योजना के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया तथा लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण और दिशा-निर्देशों की पालना का आश्वासन दिया।
बैठक में अतिरिक्त निदेशक कृषि (आदान) श्री गोपाल लाल, संयुक्त निदेशक कृषि (फसल बीमा) श्री जगदेव सिंह सहित कृषि विभाग के अधिकारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। विभाग के सभी अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) खण्ड, संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद तथा सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।