उत्तर पश्चिम रेलवे की 603 लोकेशन पर क्यूआर कोड से टिकट भुगतान शुरू
महाप्रबंधक अमिताभ के निर्देश पर टिकट काउंटरों और पार्सल कार्यालयों में यूपीआई सुविधा शुरू, लंबी कतारों से मिली राहत।
उत्तर पश्चिम रेलवे पर ग्राहकों द्वारा कैशलेस भुगतान के प्रचलन में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है, जहाँ अब यात्री टिकट प्राप्त करने के लिए भौतिक मुद्रा के स्थान पर मोबाइल ऐप्स और डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे पर रेलवे टिकट, पार्सल, रिटायरिंग रूम, गुड्स एवं अन्य सभी सेवाओं के भुगतान हेतु ऑनलाइन डिजिटल ट्रांजेक्शन का प्रसार निरंतर बढ़ रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार, रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को लंबी भीड़ से निजात दिलाने और 'डिजिटल इंडिया' अभियान को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अब अनारक्षित टिकट काउंटरों, पार्सल कार्यालयों एवं अन्य विभागों में 'डायनामिक क्यूआर कोड' कमीशन किए गए हैं। टिकट खिड़की पर इस आधुनिक सुविधा के उपलब्ध होने से टिकट लेने जा रहे यात्रियों को बड़ी राहत मिल रही है। उल्लेखनीय है कि सभी प्रमुख स्टेशनों के आरक्षण काउंटरों पर पीओएस (POS) मशीनों द्वारा टिकट बिक्री की सुविधा पूर्व से ही संचालित है, जिसके अतिरिक्त प्रमुख स्टेशनों पर एटीवीएम (ATVM) मशीनों के माध्यम से भी डिजिटल अनारक्षित टिकट प्राप्त किए जा रहे हैं। यूपीआई (UPI) आधारित डिजिटल भुगतान ने न केवल यात्रियों को खुले पैसों की किल्लत से मुक्ति दिलाई है, बल्कि इससे टिकट प्राप्ति के समय में भी बचत हो रही है, जो पूरी तरह से व्यवस्था में पारदर्शिता को बढ़ावा दे रहा है।
महाप्रबंधक, उत्तर पश्चिम रेलवे, श्री अमिताभ के कुशल दिशा-निर्देशन में अब तक कुल 603 लोकेशन्स पर बुकिंग खिड़कियों हेतु डायनामिक क्यूआर कोड की कमिशनिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस नवीन व्यवस्था के अंतर्गत यात्री रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर ही पेटीएम, गूगल पे और फोन पे जैसे प्रमुख यूपीआई मोड से त्वरित भुगतान कर रहे हैं। वर्तमान में उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी आरक्षित एवं अनारक्षित काउंटरों सहित समस्त पार्सल कार्यालयों में क्यूआर कोड की सुविधा क्रियाशील है, जिसके परिणामस्वरूप डिजिटल ट्रांजेक्शन के आंकड़ों में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। डिजिटल इंडिया के विजन को धरातल पर उतारने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा सोशल मीडिया और समर्पित रेलवे स्टाफ के माध्यम से यात्रियों को प्रोत्साहित करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। रेल प्रशासन का प्राथमिक ध्येय यात्रियों को सुविधाजनक एवं त्वरित टिकट सेवा उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में रेलवे ने आमजन से अनुरोध किया है कि वे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में डिजिटल पेमेंट का अधिक से अधिक उपयोग कर भारतीय रेलवे के इन प्रयासों में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें।