उदयपुर में 1.33 लाख गांजे के पौधे नष्ट, 199.50 करोड़ रुपये की अवैध खेती का खुलासा
ऑपरेशन गांजगवेषणा के तहत मांडवा गांव की 57 हेक्टेयर जमीन पर उगाए गए 1.33 लाख पौधों को संयुक्त टीम ने नष्ट किया।
राजस्थान के उदयपुर जिले स्थित मांडवा गांव में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अवैध गांजे की खेती को नष्ट किया गया।
राजस्थान के उदयपुर जिले में अवैध गांजे की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), जोधपुर जोनल यूनिट, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), राजस्थान और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 1.33 लाख गांजे के पौधों को नष्ट कर दिया। कोटड़ा तहसील के मांडवा गांव में लगभग 57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस अवैध खेती से करीब 39,900 किलोग्राम गांजा प्राप्त होने का अनुमान लगाया गया है। इसकी संभावित बाजार कीमत 199.50 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ऑपरेशन गांजगवेषणा के तहत की गई इस कार्रवाई के लिए एनसीबी जोधपुर को एएनटीएफ राजस्थान से मांडवा गांव में अवैध गांजे की खेती के संबंध में विश्वसनीय सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर दोनों एजेंसियों और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान लगभग 57 हेक्टेयर क्षेत्र में गांजे की अवैध खेती होने की पुष्टि हुई।
कार्रवाई के दौरान स्थानीय उप पुलिस अधीक्षक (DSP) और पटवारी को मौके पर बुलाया गया। पटवारी ने भूमि का सत्यापन किया और बताया कि संबंधित जमीन मांडवा गांव में स्थित 56 खसरा नंबरों में फैली हुई है। इसके बाद संयुक्त टीम ने पूरे क्षेत्र की सघन तलाशी ली, जिसमें लगभग 1,33,000 अवैध गांजे के पौधे पाए गए।
इन पौधों से लगभग 39,900 किलोग्राम गांजा प्राप्त होने की संभावित उपज का आकलन किया गया। प्रति किलोग्राम 50,000 रुपये की अनुमानित दर के आधार पर गांजे का संभावित बाजार मूल्य करीब 199.50 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया। इस तरह अवैध खेती के बड़े क्षेत्र और उससे होने वाली संभावित उपज का खुलासा हुआ।
गांजे के पौधों को नष्ट करने के अभियान में एनसीबी, एएनटीएफ और राजस्थान पुलिस के लगभग 70 कार्मिक शामिल रहे। कार्रवाई के लिए 10 श्रमिकों और 3 ट्रैक्टरों की सहायता ली गई। पूरी प्रक्रिया उप पुलिस अधीक्षक, राजस्थान पुलिस, पटवारी, एनसीबी और एएनटीएफ की टीम तथा स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में संपन्न हुई।
इस मामले में एनसीबी जोधपुर में अपराध संख्या 08/2026 दर्ज की गई है। मामले की आगे की जांच जारी है, जिसके तहत अवैध खेती से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
ऑपरेशन गांजगवेषणा नारकोटिक्स नियंत्रण संबंधी विजन डॉक्यूमेंट (2026–29) के अनुरूप चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य मादक पदार्थों की समस्या पर स्रोत स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करना और केंद्र तथा राज्य की एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से अवैध खेती का उन्मूलन करना है। इस पहल के माध्यम से नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने पर जोर दिया जा रहा है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मादक पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा उनकी आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने के लिए राज्य की प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वित कार्रवाई जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। इस संयुक्त अभियान में सामने आई अवैध खेती और संभावित उपज का आकलन मादक पदार्थों के स्रोत पर कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।