कोटा ग्रामीण में बिजली तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार
पुलिस ने मुख्य सरगना सहित 3 बदमाशों और 2 कबाड़ियों को गिरफ्तार कर 1200 किलो बिजली के तार बरामद किए हैं।
कोटा ग्रामीण पुलिस ने बिजली तार चोरी मामले का खुलासा कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कोटा ग्रामीण में खेतों पर लगे बिजली के खंभों से 33 केवी और 11 केवी विद्युत लाइनों के तार काटकर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। करीब एक महीने तक चले तकनीकी अनुसंधान और निगरानी के बाद पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित तीन आरोपियों और चोरी का माल खरीदने वाले दो कबाड़ियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों और कबाड़ियों के कब्जे से 1200 किलोग्राम से अधिक बिजली के तार बरामद किए गए हैं। वारदातों में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है।
पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज तार चोरी की 77 वारदातों का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक अनुसंधान में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य आपस में मिलकर पिछले छह महीनों में 100 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस को बारां जिले के कुछ थाना क्षेत्रों में भी इसी गिरोह से संबंधित वारदातें होने की आशंका है। इस दिशा में अनुसंधान जारी है।
खेतों में बिजली के तार चोरी होने से किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण ट्यूबवेल और पानी की मोटरें नहीं चल पा रही थीं, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका बनी रहती थी। दूसरी ओर, बिजली विभाग को तारों की दोबारा व्यवस्था करने, कर्मचारियों को घटनास्थलों पर भेजने और मरम्मत कार्यों पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा था। लगातार हो रही इन घटनाओं से किसानों और आमजन में रोष व्याप्त था।
लगातार बढ़ती वारदातों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा और वृत्ताधिकारी अरुण कुमार के सुपरविजन में विशेष टीमें गठित की गईं। कार्रवाई में कैथून और सीमलिया थाना पुलिस के साथ साइबर सेल तथा जिला विशेष टीम को भी शामिल किया गया।
पुलिस टीमों ने घटनास्थलों का बारीकी से निरीक्षण कर तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए। टोल प्लाजा, हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया। इसके साथ ही पुराने चालानशुदा अपराधियों, कबाड़ियों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी गई। स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से करीब एक महीने तक लगातार प्रयास किए गए, जिसके बाद पुलिस गिरोह के सदस्यों तक पहुंचने में सफल रही।
अनुसंधान में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग समूह बनाकर वारदात करते थे और जरूरत पड़ने पर आपस में मिलकर भी चोरी को अंजाम देते थे। पूरण बागरी, गोलू बागरी और सुल्तान बागरी को गिरोह के प्रमुख आरोपियों के रूप में चिह्नित किया गया है। चोरी किए गए बिजली के तार बेचने के लिए आरोपी कोटा और बारां क्षेत्र के कबाड़ियों से संपर्क करते थे।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले दिन में खेतों और रास्तों की रेकी करते थे। इसके बाद रात के समय वाहन से मौके पर पहुंचकर बिजली आपूर्ति की स्थिति जांचते और विद्युत तार काटकर चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए तारों को एकत्र कर वाहन में लादा जाता और कबाड़ियों तक पहुंचाया जाता था। आरोपी तारों को कम कीमत पर बेचकर प्राप्त रकम आपस में बांट लेते थे।
पुलिस ने गिरोह के सरगना पूरण बागरी, उसके सहयोगी गोलू बागरी निवासी कैथून और सुल्तान बागरी निवासी सीसवाली को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा चोरी का माल खरीदने के आरोप में कोटा निवासी कबाड़ी शफीक मोहम्मद और जाहिद मोहम्मद को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से पूछताछ और गहन अनुसंधान के आधार पर चोरी की अन्य वारदातों तथा चोरी का माल खरीदने वाले व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में कोटा ग्रामीण जिले के सीमलिया, कैथून, देवली मांझी और दीगोद थाना क्षेत्रों में तार चोरी की वारदातें सामने आई हैं। इसके अलावा बारां जिले के अंता, बारां सदर और कोतवाली थाना क्षेत्रों में भी ऐसी घटनाओं की जानकारी मिली है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य वारदातों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अब तक सामने आई 77 वारदातों और बरामद 1200 किलोग्राम से अधिक बिजली के तारों के बाद जांच का दायरा कोटा ग्रामीण से बारां जिले के संदिग्ध थाना क्षेत्रों तक पहुंच गया है।