जयपुर: चुनाव ड्यूटी में लापरवाही पर दो कर्मचारियों की दो वेतन वृद्धि रोकी गई
नगर निगम चुनाव प्रशिक्षण से बिना कारण अनुपस्थित रहने पर जिला कलक्टर ने सीसीए नियमों के तहत असंचयी प्रभाव से दण्ड दिया।
जयपुर में चुनाव ड्यूटी के दौरान लापरवाही और प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। नगर निकाय चुनाव 2026 के तहत चुनाव प्रशिक्षण और मतदान दलों की रवानगी में निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करने वाले दो कार्मिकों की दो वार्षिक वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने का दण्ड दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं जिला कलक्टर संदेश नायक ने कार्मिकों के स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर यह निर्णय लिया।
जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने बताया कि नगर निगम जयपुर के चुनाव प्रशिक्षण में बिना किसी ठोस कारण के अनुपस्थित रहने वाले एक कार्मिक तथा मतदान दलों की रवानगी के दौरान उपस्थिति दर्ज कराने के बाद रवानगी स्थल पर आयोजित प्रशिक्षण छोड़कर जाने वाले कार्मिक के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इन कार्मिकों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 17 के तहत आरोप-पत्र जारी किए गए थे। इसके बाद कार्मिकों से स्पष्टीकरण मांगा गया और उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर संबंधित नियमों के तहत दो वार्षिक वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने का दण्ड दिया गया।
इसके अलावा, नगर निगम चुनाव के लिए 10 सितंबर को भवानी निकेतन से मतदान दलों की रवानगी के दौरान अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के खिलाफ भी प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की थी। इन कार्मिकों को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के नियम 17 के अंतर्गत नोटिस जारी कर जवाब प्राप्त किए गए थे। अब उनके स्पष्टीकरणों का परीक्षण अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जयपुर प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ से करवाया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, यदि संबंधित कार्मिकों के जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध भी सीसीए नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कलक्टर संदेश नायक ने स्पष्ट किया कि शीघ्र ही पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचन की प्रक्रिया संपादित की जाएगी। इस दौरान किसी भी स्तर पर चुनाव कार्य में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य को गंभीरता से नहीं लेना और निर्धारित कर्तव्यों का विधिवत निर्वहन नहीं करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनावी जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतने वाले संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 134 (1) के तहत कार्रवाई की जाएगी और मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा। आगामी पंचायतीराज चुनावों से पहले प्रशासन की इस सख्ती से चुनाव ड्यूटी में तैनात कार्मिकों को निर्धारित दायित्वों का पालन करने के संबंध में स्पष्ट संदेश दिया गया है।