जयपुर में प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़।   

जयपुर, 16 अक्टूबर 2026। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर राजनीतिक पराजय का बदला देश से लेने और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान की भावना के विपरीत राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ‘रिजीम चेंज’, ‘रेजिस्टेंस’ और ‘संसद नहीं, सड़क से ही रास्ता निकलता है’ जैसे बयान अराजकता के माध्यम से भारत की विकास यात्रा को बाधित करने का प्रयास हैं। देश और प्रदेश की जनता को विकास, सुशासन और जनकल्याण की राजनीति चाहिए, न कि अराजकता और अस्थिरता की।

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक पराजय का बदला देश से लेना चाहती है, जो उसके नैतिक मूल्यों के पतन की पराकाष्ठा है। राजस्थान की जनता भी कांग्रेस की नकारात्मक और अराजक राजनीति को भली-भांति समझती है। प्रदेश में कांग्रेस के शासनकाल के अनुभवों से जनता जानती है कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए भ्रम फैलाने और विरोध की राजनीति करने से विकास नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा, अराजकता और बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करने की राजनीति करने वाली कांग्रेस ने महात्मा गांधी का नाम लेने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बाबा साहब ने देश को जो संविधान दिया है, वह सत्ता परिवर्तन का अधिकार वोट के माध्यम से जनता को देता है, न कि सड़क पर गुंडई करने वालों को। उनके अनुसार, कांग्रेस ने पहले भी बाबा साहब का सम्मान नहीं किया और आज भी उनके संविधान को नहीं मानती।

राठौड़ ने राहुल गांधी के कथित वोट चोरी के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कथित वोट चोरी को ‘हाइड्रोजन बम’ बताकर देशभर में शोर मचाया, लेकिन उनके दावों से कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आ सका। कांग्रेस मतदाता सूची के खिलाफ एक भी अपील दाखिल नहीं कर सकी। ऐसे में उसके आरोपों की गंभीरता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 से पहले भी देश में लंबे समय तक मतदाता पहचान पत्र के बिना चुनाव होते रहे हैं। वहीं, मतदाता पहचान पत्र की व्यवस्था लागू होने के बाद कांग्रेस अपने दम पर लोकसभा में सरकार नहीं बना सकी है। चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल में आयोग की नियुक्तियों और निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों का जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए राठौड़ ने कहा कि पार्टी में आपसी अविश्वास और गुटबाजी इस कदर हावी है कि उसके नेता एक-दूसरे का विरोध करते हुए मौखिक ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्तर पर भी भिड़ते दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस को जनता के मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। पार्टी को आपसी खींचतान और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था और रक्षा उत्पादन नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं तथा वैश्विक मंच पर देश की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत की इस प्रगति से कुछ शक्तियों का असहज होना स्वाभाविक है, लेकिन कांग्रेस को देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने के बजाय राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।

राठौड़ ने कहा कि राजस्थान भी विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे समय में देश और प्रदेश की जनता को विकास, सुशासन और जनकल्याण की राजनीति चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर अराजकता और व्यवस्था को अस्थिर करने वाले नारे लगाकर जनहित की नौटंकी करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का रास्ता जनता के जनादेश और संवैधानिक प्रक्रियाओं से होकर गुजरता है, न कि सड़क पर अराजकता फैलाकर। राठौड़ ने कांग्रेस से जनादेश का सम्मान करने, सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने और देश की विकास यात्रा में बाधा बनने के बजाय जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक सहयोग करने की अपील की।

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