भारत-इजराइल द्विपक्षीय निवेश समझौता लागू, निवेश और तकनीकी सहयोग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
भारत और इजराइल के बीच Bilateral Investment Agreement 4 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। समझौते से निवेश सुरक्षा, विवाद निपटान और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जबकि दोनों देश DeepTech, AI और रक्षा क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
तस्वीर में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर खड़े दिखाई दे रहे हैं।
भारत और इजराइल के बीच द्विपक्षीय निवेश समझौता (Bilateral Investment Agreement-BIA) शनिवार से लागू हो गया। इसके साथ ही दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया चरण शुरू हो गया है। भारत सरकार और इजराइल सरकार ने यह समझौता 8 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित किया था।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, समझौते के लागू होने से निवेशकों को अधिक निश्चितता मिलेगी और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और मजबूत होगा। मंत्रालय ने इसे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने तथा सुरक्षित और पूर्वानुमेय निवेश वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह समझौता निवेश और निवेशकों की सुरक्षा के मामले में मजबूत प्रावधान प्रदान करता है, साथ ही सरकारों को वैध सार्वजनिक नीति उद्देश्यों के अनुरूप आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने की पर्याप्त संप्रभु स्वतंत्रता भी देता है। मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता अंतरराष्ट्रीय निवेश कानून के आधुनिक सिद्धांतों और विकसित हो रहे न्यायिक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है।
भारत और इजराइल पहले से ही रक्षा, जल प्रबंधन, कृषि, साइबर सुरक्षा, फार्मा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में मजबूत व्यापारिक और तकनीकी साझेदारी साझा करते हैं। बीआईए के लागू होने से इन क्षेत्रों में निवेश प्रवाह को अतिरिक्त गति मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यह निवेश सुरक्षा, विवाद निपटान और नियामकीय स्पष्टता से जुड़ी चिंताओं को संबोधित करता है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता सीमा-पार निवेश गतिविधियों में वृद्धि करने और भारत-इजराइल आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने में योगदान देगा।
यह समझौता ऐसे समय में लागू हुआ है जब दोनों देश प्रौद्योगिकी-आधारित विकास और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। भारतीय कंपनियों के लिए यह इजराइल के नवाचार तंत्र में DeepTech, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वॉटर-टेक और रक्षा क्षेत्रों में नए अवसर खोलता है। वहीं इजराइली कंपनियों को भारत के बड़े घरेलू बाजार और ‘विकसित भारत’ एजेंडा से जुड़े क्षेत्रों में विस्तार के लिए एक संरचित मार्ग उपलब्ध होगा।
अब जबकि बीआईए औपचारिक रूप से प्रभावी हो चुका है, दोनों सरकारें आने वाले महीनों में इस कानूनी ढांचे को अधिक निवेश, संयुक्त उद्यमों और तकनीकी सहयोग में बदलने पर ध्यान केंद्रित करेंगी।