रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बर्लिन में भारतीय समुदाय को किया संबोधित
जर्मनी में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने भारत-जर्मनी के 75 वर्षों के राजनयिक संबंधों और मजबूत होते रणनीतिक सहयोग पर जोर दिया।
तस्वीर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बर्लिन में एक कार्यक्रम के दौरान मंच से संबोधन देते हुए नजर आ रहे हैं।
जर्मनी के बर्लिन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और जर्मनी के संबंध समय के साथ लगातार मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल राजनीतिक और रणनीतिक रिश्ते ही नहीं हैं, बल्कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच गहरा जुड़ाव और उत्साह देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित भारत और जर्मनी के औपचारिक राजनयिक संबंधों ने इस वर्ष 75 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जर्मनी, यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत में 2 हजार से अधिक जर्मन कंपनियां सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों की वास्तविक मजबूती लोगों के बीच बढ़ते संपर्क से तय होती है। उन्होंने जर्मनी में रह रहे 3.7 लाख भारतीय प्रवासी समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारत-जर्मनी संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 7 प्रतिशत की विकास दर से आगे बढ़ रही है और देश शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में अभूतपूर्व स्तर पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने लगभग 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे भारतीय निर्माता और उत्पादक अपने उत्पाद वैश्विक बाजारों में बेच पा रहे हैं।
इससे पहले रक्षा मंत्री ने बर्लिन स्थित हम्बोल्ट विश्वविद्यालय का दौरा किया और गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनका यह दौरा भारत-जर्मनी के रणनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।