एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की मेजबानी करेगा पंजाब, जालंधर और मोहाली में होंगे मैच
भारतीय पुरुष हॉकी टीम पंजाब में पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलेगी, जहां छह एशियाई देशों के बीच खिताब की भिड़ंत होगी।
हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम पंजाब के जालंधर और मोहाली में घरेलू मैदान पर मैदान में उतरेगी।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के लिए हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 खास अवसर बनने जा रही है। चेन्नई में 2023 में आयोजित टूर्नामेंट के बाद दूसरी बार भारत पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा। इस बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी पंजाब लौट रही है, जहां पीढ़ियों से इस खेल की परंपरा आगे बढ़ी है और कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार हुए हैं।
पंजाब के लिए हॉकी केवल एक खेल नहीं, बल्कि गर्व का विषय और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। गांवों और अकादमियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक, भारतीय हॉकी को आकार देने में राज्य की निर्णायक भूमिका रही है। हीरो मेन्स एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 के करीब आने के साथ राज्य एशिया की शीर्ष टीमों के स्वागत की तैयारी कर रहा है।
मेजबान भारत के अलावा मलेशिया, दक्षिण कोरिया, चीन, जापान और बांग्लादेश 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। मौजूदा एशियाई खेल चैंपियन भारत इस प्रतियोगिता की सबसे सफल टीम है। भारतीय टीम अब तक 2011, 2016, 2018 में संयुक्त विजेता के रूप में, 2023 और 2024 में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीत चुकी है।
राष्ट्रीय टीम में पंजाब के योगदान की झलक उद्यम सिंह और बलबीर सिंह सीनियर से लेकर मौजूदा पीढ़ी के मनप्रीत सिंह और हरमनप्रीत सिंह तक के खिलाड़ियों में दिखाई देती है। राज्य की खेल संस्कृति, जमीनी स्तर पर विकसित ढांचे और हॉकी के प्रति लगातार बने जुनून ने ओलंपिक पदक विजेता, विश्व कप विजेता और राष्ट्रीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी तैयार करने में योगदान दिया है।
आगामी टूर्नामेंट पंजाब की इस विरासत का उत्सव मनाने के साथ शीर्ष स्तर की प्रतिस्पर्धा को खेल के पारंपरिक समर्थकों के करीब लाने का अवसर भी देगा। जालंधर और मोहाली संयुक्त रूप से मेजबानी करेंगे। इससे पंजाब की समृद्ध खेल विरासत और खेल सुविधाएं इस प्रमुख महाद्वीपीय प्रतियोगिता के केंद्र में रहेंगी।
भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस अवसर को खास बताते हुए कहा, “यह पूरी टीम के लिए विशेष अवसर होने जा रहा है, खासकर पंजाब से ताल्लुक रखने वाले खिलाड़ियों के लिए, क्योंकि पहली बार हम पंजाब में किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत की जर्सी पहनकर खेलेंगे।”
हरमनप्रीत ने आगे कहा, “मेरे पूरे परिवार के स्टेडियम में मौजूद रहने की उम्मीद है। वे पहली बार एक साथ किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में मुझे मैदान पर खेलते हुए देखेंगे। इनमें मेरे पिता भी शामिल हैं, जिन्होंने इससे पहले मुझे स्टेडियम में बैठकर देश के लिए खेलते हुए कभी नहीं देखा है।” हरमनप्रीत लगातार दो संस्करणों में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले पहले भारतीय कप्तान हैं।
इस आयोजन में जालंधर की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। शहर ने कई पीढ़ियों के खिलाड़ियों को तैयार किया है। विशेष रूप से संसारपुर और मिठापुर गांव भारतीय हॉकी के विकास से जुड़े रहे हैं। बर्ल्टन पार्क स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक उद्घाटन समारोह और लीग चरण के मुकाबले खेले जाएंगे। इस स्टेडियम का नाम 1975 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य और प्रतिष्ठित डिफेंडर सुरजीत सिंह के नाम पर रखा गया है।
इसके बाद टूर्नामेंट मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में पहुंचेगा, जहां 4 और 5 नवंबर को सेमीफाइनल तथा पदक मुकाबले खेले जाएंगे।
मेजबान भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अवसर होगा। वहीं, अन्य टीमों को पंजाब के विशिष्ट खेल वातावरण, हॉकी की समृद्ध विरासत और यहां के लोगों के आतिथ्य का अनुभव मिलेगा।
प्रतियोगिता में सभी छह टीमें एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मुकाबला खेलेंगी। लीग चरण के अंत में शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। मौजूदा चैंपियन भारत 27 अक्टूबर को जालंधर में बांग्लादेश के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा।
पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी और राज्य से जुड़े खिलाड़ियों के लिए घरेलू मैदान पर देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 को भारतीय हॉकी के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन बनाता है।