रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने को भारत का 3-सूत्री प्रस्ताव, दोनों देशों ने सराहा
भारत ने ऊर्जा ठिकानों और ब्लैक सी व्यापार मार्ग की सुरक्षा के लिए योजना पेश की है, जिस पर रूस और यूक्रेन ने सकारात्मक रुख अपनाया है।
तस्वीर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बातचीत करते हुए दिख रहे हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से अधिक समय से जारी युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच भारत के सीजफायर प्रस्ताव ने नई उम्मीद जगाई है। भारत ने युद्ध खत्म करने के लिए तीन सूत्री प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर रूस और यूक्रेन दोनों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। Live Hindustan
रूस के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन युद्ध के समाधान के प्रयासों में रूस भारत के योगदान का स्वागत करता है। इससे पहले यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने भी भारत के प्रस्ताव को चार प्रस्तावों में सबसे व्यापक बताया था। Live Hindustan
पेस्कोव ने कहा कि भारत यूक्रेन से जुड़े मौजूदा हालात के समाधान में योगदान देने की तत्परता जाहिर कर रहा है और रूस अपने भारतीय मित्रों का आभारी है। उन्होंने मीडिया में आई उन खबरों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा गया था कि भारत ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए तीन चरणों वाला नया प्रस्ताव भेजा है। सरकारी समाचार एजेंसी तास की खबर में पेस्कोव के हवाले से कहा गया, "वास्तव में भारत ने यूक्रेन से जुड़े मौजूदा हालात के समाधान में व्यावहारिक योगदान देने को लेकर अपनी तत्परता जाहिर की है।" उन्होंने कहा, "हम अपने भारतीय मित्रों की इस तत्परता और उनके द्वारा दिए जा रहे सुझावों के लिए आभारी हैं।" Live Hindustan
इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले सप्ताह कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए कुछ अच्छे सुझाव हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने तीन सूत्री प्रस्ताव पेश किया है। Live Hindustan
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने शुक्रवार को कीव में पत्रकारों से कहा था, "हमारे पास चार प्रस्ताव हैं। इनमें सबसे व्यापक प्रस्ताव भारत का है। हम ऊर्जा क्षेत्र और काला सागर से जुड़े युद्धविराम के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तभी संभव होगा जब दोनों को एक साथ लागू किया जाए।" जानकारी के मुताबिक, अन्य प्रस्ताव तुर्की, मिस्र और अमेरिका की ओर से आए थे। Live Hindustan
भारत का तीन सूत्री प्रस्ताव युद्ध के संवेदनशील और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित है। इसके तहत दोनों पक्षों से एक-दूसरे के एनर्जी प्लांट्स और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाने की अपील की गई है। प्रस्ताव में ब्लैक सी के बंदरगाहों से अनाज और ऊर्जा की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की बात भी शामिल है। इसके अलावा ब्लैक सी में आवाजाही करने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर किसी भी तरह के हमलों और गोलाबारी को तुरंत रोकने का प्रस्ताव रखा गया है। Live Hindustan
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिशों के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित नहीं हो पाई है। अब भारत के प्रस्ताव पर रूस और यूक्रेन की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद युद्धविराम की कोशिशों में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। चार साल से अधिक समय से जारी युद्ध के बीच भारत के तीन सूत्री प्रस्ताव को लेकर दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया आगे की दिशा के लिए अहम मानी जा रही है। Live Hindustan