महाप्रबंधक संरक्षा पुरस्कार से पश्चिम रेलवे के नौ रेलकर्मी सम्मानित, सतर्कता से टलीं कई संभावित दुर्घटनाएं

पश्चिम रेलवे के नौ रेलकर्मियों को महाप्रबंधक संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से कई संभावित रेल दुर्घटनाएं टल गईं।

Update: 2026-07-27 13:22 GMT

पश्चिम रेलवे मुख्यालय में आयोजित पुरस्कार समारोह के दौरान महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय, वरिष्ठ रेलवे अधिकारी और सम्मानित रेलकर्मी एक साथ समूह तस्वीर में।

पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पाण्डेय ने मुंबई स्थित पश्चिम रेलवे मुख्यालय में आयोजित समारोह के दौरान मई एवं जून 2026 के लिए पश्चिम रेलवे के नौ रेलकर्मियों को महाप्रबंधक के "मैन ऑफ द मंथ" संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। इन कर्मचारियों को उनकी असाधारण सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया, जिनकी समय पर की गई कार्रवाई से संभावित अप्रिय घटनाओं को टाला जा सका तथा सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित हुआ। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद और भावनगर मंडलों के दो-दो तथा वडोदरा, राजकोट और रतलाम मंडलों के एक-एक कर्मचारी शामिल हैं।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुंबई सेंट्रल मंडल के ट्रेन मैनेजर श्री सुजीत कुमार को ड्यूटी के दौरान दिखाई गई असाधारण सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने एक एक्सप्रेस ट्रेन के वातानुकूलित कोच से धुआं निकलते देखा, जिसके बाद तत्काल ट्रेन रुकवाई गई और मैकेनिक की सहायता से दोषपूर्ण अल्टरनेटर वी-बेल्ट को हटवाने के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया गया। कुछ ही देर बाद उसी कोच से दोबारा धुआं निकलते दिखाई देने पर उन्होंने फिर ट्रेन रुकवाई तथा शेष दोषपूर्ण वी-बेल्ट हटाने के बाद ही ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाया। उनकी समय पर की गई कार्रवाई से संभावित दुर्घटना टल गई और यात्रियों के साथ-साथ रेल परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।

मुंबई सेंट्रल मंडल के ही ट्रैफिक इंस्पेक्टर श्री जगेश एम. के. को भी चर्चगेट स्टेशन पर तकनीकी खराबी के दौरान दिखाई गई सतर्कता के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने तत्काल कंट्रोल टॉवर को निर्देश देकर उस अगले सिग्नल को, जो दूसरी ट्रेन के लिए सेट हो गया था, पुनः सामान्य कराया। इससे ट्रेन को परस्पर विरोधी मार्ग पर प्रवेश करने से पहले ही रोक लिया गया और यात्रियों तथा रेल परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अन्य मंडलों के कर्मचारियों को भी उनकी असाधारण सूझबूझ, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया। उनके सराहनीय कार्यों में रेलवे सीमा के निकट विस्फोटक सामग्री का पता लगाना, ट्रेन परिचालन के दौरान माल डिब्बों में गंभीर तकनीकी दोषों की पहचान करना, खुले वैगन ढक्कनों का पता लगाना, झुके हुए ओवरहेड उपकरण मास्ट की पहचान करना तथा रेलवे ट्रैक पर गिरे हुए पेड़ को समय रहते हटाकर रेल परिचालन को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखना शामिल है। उनकी तत्परता और समयोचित हस्तक्षेप ने पश्चिम रेलवे नेटवर्क पर सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पश्चिम रेलवे ने सभी पुरस्कार विजेताओं की कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता और संरक्षा के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता की सराहना की है। रेलवे के अनुसार, इन कर्मचारियों के सराहनीय प्रयासों से न केवल संभावित अप्रिय घटनाओं को टाला जा सका, बल्कि सुरक्षित और विश्वसनीय रेल परिचालन सुनिश्चित करने के प्रति पश्चिम रेलवे की अटूट प्रतिबद्धता भी और अधिक सुदृढ़ हुई है। उनके उत्कृष्ट कार्य सभी रेल कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

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