पश्चिम रेलवे: 80+ पेंशनरों के घर जाकर बने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट
पश्चिम रेलवे ने अभियान के तहत 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग पेंशनरों को घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की सुविधा दी।
पश्चिम रेलवे ने अभियान के तहत वरिष्ठ पेंशनरों के घर पहुंचकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार कराया.
मुंबई। वरिष्ठ पेंशनरों को जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए होने वाली परेशानियों से राहत देने के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अभियान 5.0 के तहत विशेष पहल की है। इसके अंतर्गत 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनरों के घर पहुंचकर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस अभियान के माध्यम से पश्चिम रेलवे ने 100 से अधिक वरिष्ठ पेंशनरों के डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सफलतापूर्वक तैयार कराने में सहायता की।
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) और रेलवे बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनर 1 अक्टूबर 2026 से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकते थे, जबकि अन्य पेंशनरों के लिए नवंबर 2026 में प्रमाण पत्र जमा कराने की व्यवस्था निर्धारित की गई है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह में विशेष डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान चलाया गया। इस दौरान वरिष्ठ पेंशनरों की सुविधा के लिए घर-घर जाकर प्रमाण पत्र जमा कराने के साथ विशेष शिविर भी आयोजित किए गए। इन प्रयासों के जरिए 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनरों के 100 से अधिक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सफलतापूर्वक बनवाए गए।
इस अभियान को सफल बनाने में विभिन्न पेंशनर एसोसिएशनों और संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन संस्थाओं ने पात्र पेंशनरों के संपर्क विवरण और आवासीय पते उपलब्ध कराए तथा घर पर जाकर प्रमाण पत्र बनाने और शिविरों के आयोजन के लिए समय निर्धारित कराने में समन्वय किया। इसके बाद पश्चिम रेलवे के पेंशन अनुभाग के कर्मचारियों ने वरिष्ठ पेंशनरों के घरों पर व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर उनके डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार कराने की प्रक्रिया पूरी कराई।
पश्चिम रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन अत्यधिक वरिष्ठ पेंशनरों तक पहुंचने की थी, जो बिस्तर पर होने या उम्र संबंधी शारीरिक सीमाओं के कारण यात्रा करने में असमर्थ हैं। ऐसे पेंशनरों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने घर पर ही प्रमाण पत्र जमा कराने की व्यवस्था की। पेंशन अनुभाग के कर्मचारियों, पेंशनर एसोसिएशनों और अन्य संबंधित इकाइयों के सामूहिक प्रयासों से इस अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान 5.0 के तहत पश्चिम रेलवे की इस पहल से वरिष्ठ पेंशनरों, विशेषकर 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन लोगों को घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की सुविधा मिली, जिन्हें उम्र या शारीरिक असमर्थता के कारण रेलवे कार्यालयों अथवा शिविरों तक पहुंचने में कठिनाई होती है।