अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल द्वारा साबरमती स्थित इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो (ICD) में वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए ₹307 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक ट्रेनसेट मेंटेनेंस हब विकसित किया जा रहा है। परियोजना के फेज-II के तहत विशेष शेड, आधुनिक मशीनों और तकनीकी सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद वंदे भारत ट्रेनसेट के निर्धारित अनुरक्षण कार्यों को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा। इससे ट्रेनों के मेजर मेंटेनेंस के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता भी नहीं रहेगी।

16 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत हेवी रिपेयर बे शेड, विभिन्न सेक्शन शेड, व्हील केयर शेड, टैंडम व्हील लेथ शेड, ड्रॉप पिट, रिट्रैक्टेबल ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE), मशीनरी एवं प्लांट (M&P) और अन्य संबंधित सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परियोजना के अलग-अलग घटकों पर चरणबद्ध तरीके से काम चल रहा है, जबकि कुछ प्रमुख संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है।

साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो के फेज-II में 24 कोच वाली वंदे भारत ट्रेनसेट के सॉफ्ट शेड्यूल (SS-I एवं SS-II) के निर्धारित अनुरक्षण कार्यों के लिए जरूरी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। यह मेंटेनेंस शेड कुछ समय बाद वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव और अनुरक्षण के लिए तैयार हो जाएगा। निर्धारित योजना के अनुसार, एक 24-कोच रेक का SS-I अनुरक्षण लगभग 30 दिनों में और SS-II अनुरक्षण लगभग 45 दिनों में किया जा सकेगा। इस क्षमता के आधार पर सालाना लगभग 12 रेक का SS-I अथवा 8 रेक का SS-II अनुरक्षण किया जा सकेगा। इन सुविधाओं से आधुनिक ट्रेनसेट के अनुरक्षण के लिए आवश्यक तकनीकी और परिचालन क्षमता मजबूत होगी।

परियोजना के तहत प्रमुख यांत्रिक और विद्युत उपकरणों के अनुरक्षण के लिए 322 मीटर × 20 मीटर आकार का सेक्शन शेड विकसित किया जा रहा है, जिसका क्षेत्रफल 69,334 वर्ग फीट है। यहां विभिन्न उपकरणों और उनकी असेंबली तथा सब-असेंबली को खोलने, जोड़ने और ओवरहॉलिंग करने की व्यवस्था होगी। शेड में ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मर, ट्रैक्शन कन्वर्टर, ट्रैक्शन मोटर, ऑक्जिलरी कन्वर्टर, आइसोलेशन ट्रांसफॉर्मर, पेंटोग्राफ और रूफ-माउंटेड पैकेज यूनिट (RMPU) जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों के अनुरक्षण की सुविधाएं विकसित की जानी हैं। इससे ट्रेनसेट के विभिन्न तकनीकी उपकरणों का रखरखाव एक ही परिसर में व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

हेवी रिपेयर बे शेड का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। 322 मीटर × 25 मीटर आकार के इस शेड का क्षेत्रफल 86,597 वर्ग फीट है और इसमें दो अनुरक्षण लाइनें निर्धारित की गई हैं। पहली लाइन पर सिंक्रोनाइज्ड पिट जैक की मदद से कोच उठाने और बोगियों को बाहर निकालने की सुविधा विकसित की जा रही है। दूसरी लाइन पर कोच के आंतरिक हिस्सों, यात्री सुविधाओं, ब्रेक सिस्टम और अन्य विद्युत उपकरणों के अनुरक्षण की व्यवस्था होगी। इन सुविधाओं के पूरी तरह विकसित होने के बाद ट्रेनसेट के विभिन्न अनुरक्षण कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से किए जा सकेंगे।

व्हील केयर शेड का निर्माण पूरा हो चुका है और संबंधित सर्विस बिल्डिंग सहित यह सुविधा हस्तांतरण के लिए तैयार है। 75 मीटर × 40 मीटर आकार के इस शेड का क्षेत्रफल 32,292 वर्ग फीट है। यहां पहियों और एक्सल की ओवरहॉलिंग, रिसर्फेसिंग तथा टर्निंग जैसे महत्वपूर्ण अनुरक्षण कार्यों के लिए प्रावधान किया गया है। इस सुविधा के लिए सीएनसी सरफेस व्हील लेथ, सीएनसी एक्सल टर्निंग लेथ, डायनामिक व्हील बैलेंसिंग मशीन, हाइड्रोलिक व्हील प्रेस और अन्य आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों का प्रावधान किया गया है। इनके माध्यम से पहियों और एक्सल के अनुरक्षण में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा सकेगा।

ट्रैक अवसंरचना के विकास के तहत चार स्टेबलिंग लाइनों पर कुल लगभग 2,547 मीटर रेल लिंकिंग का काम पूरा कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, हेवी रिपेयर बे शेड की दोनों अनुरक्षण लाइनों का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। परियोजना के लिए आवश्यक विद्युत सहायक अवसंरचना में 30 मीटर × 20 मीटर आकार की इलेक्ट्रिकल सब-स्टेशन (ESS) बिल्डिंग भी शामिल है। इसका क्षेत्रफल 6,458 वर्ग फीट है। भवन का निर्माण पूरा होने के बाद इसे हस्तांतरित कर दिया गया है।

साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो में फेज-II के तहत विकसित हो रहा यह मेंटेनेंस हब वंदे भारत ट्रेनसेट के निर्धारित अनुरक्षण कार्यों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। विभिन्न शेड, आधुनिक मशीनों, विद्युत अवसंरचना और ट्रैक सुविधाओं के विकास से 24 कोच वाली ट्रेनसेट के SS-I और SS-II अनुरक्षण की नियोजित क्षमता स्थापित करने में मदद मिलेगी।

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