मुंबई सेंट्रल मंडल में स्वच्छता पखवाड़े का समापन, प्लास्टिक बोतल नष्ट करने की मशीनें शुरू
पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल में स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत दो प्लास्टिक बोतल नष्ट करने वाली मशीनें शुरू की गईं। जानिए स्टेशनों, रेल डिब्बों, रेलवे कॉलोनियों, खानपान प्रतिष्ठानों और पेयजल की गुणवत्ता जांच के लिए चलाए गए अभियान का पूरा विवरण।
मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत डीआरएम पंकज सिंह (बाएं से दूसरे) और अन्य रेलवे अधिकारियों ने प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीन का उद्घाटन किया।
पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल में स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़े अभियान चलाए गए। अभियान के तहत मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निपटान और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के लिए दो प्लास्टिक बोतल नष्ट करने वाली मशीनें शुरू की गईं। मुंबई सेंट्रल के मंडल रेल प्रबंधक पंकज सिंह ने वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदिश पथानिया और अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ इन मशीनों का उद्घाटन किया।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अभियान में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुरूप कचरे को उसके स्रोत पर ही अलग-अलग करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सेवा (ओबीएचएस) के कर्मचारियों, पैंट्री कर्मचारियों, विक्रेताओं और स्टेशन सफाई कर्मचारियों के लिए जागरूकता एवं क्षमता निर्माण सत्र आयोजित किए गए।
जोगेश्वरी, बोरीवली, गोरेगांव, मालाड, खार रोड और अंधेरी सहित विभिन्न स्टेशनों पर विशेष कचरा पृथक्करण अभियान चलाए गए। इनका उद्देश्य गीले, सूखे, सैनिटरी और खतरनाक कचरे का उचित संग्रह और निपटान सुनिश्चित करना था।
अभियान के दौरान यात्री सुविधाओं और रेल डिब्बों की स्वच्छता की भी निगरानी की गई। मुंबई सेंट्रल और बांद्रा टर्मिनस के कोचिंग डिपो में मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के रेक की आंतरिक एवं बाहरी सफाई का व्यापक अभियान चलाया गया। इसके साथ ही नंदुरबार में रेल डिब्बों की सफाई और यार्ड की स्वच्छता पर भी काम किया गया।
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य टीमों ने मरीन लाइंस, बांद्रा टर्मिनस और अन्य स्टेशनों पर खाद्य स्टॉल, बेस किचन और खानपान प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। खाद्य पदार्थों और पेयजल के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए एकत्र किए गए। विक्रेताओं को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित रखरखाव और व्यक्तिगत स्वच्छता के मानकों के पालन के संबंध में आवश्यक परामर्श दिया गया।
स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों में पेयजल की गुणवत्ता की भी जांच की गई। इसके लिए अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण के साथ एच₂एस परीक्षण किट के माध्यम से जीवाणु संबंधी जांच की गई।
स्वच्छता अभियान के तहत रेलवे कॉलोनियों में सड़कों की सफाई, नालों की सफाई, कचरा हटाने और सामान्य स्वच्छता से जुड़े कार्य किए गए। पटरियों के किनारे उगी अनावश्यक वनस्पति को भी हटाया गया।
सफाई व्यवस्था के साथ-साथ कचरा फैलाने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई जारी रखी गई। यात्रियों को कचरा न फैलाने के लिए समझाया गया और जन-जागरूकता संबंधी सामग्री भी प्रदर्शित की गई।
पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल ने इंजीनियरिंग, वाणिज्यिक, यांत्रिक और चिकित्सा विभागों के समन्वित प्रयासों से स्वच्छता, कचरे के उचित पृथक्करण और यात्रियों की साफ-सफाई से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में अभियान चलाया। प्लास्टिक बोतल नष्ट करने वाली मशीनों की शुरुआत इस पहल का प्रमुख हिस्सा रही।