चलती ट्रेन में महिला ने दिया बेटे को जन्म, वडोदरा में डॉक्टर की तत्परता से मां-नवजात को मिली मदद
सूरत–कानपुर सेंट्रल स्पेशल में यात्रा के दौरान 26 वर्षीय महिला ने बेटे को जन्म दिया। सूचना मिलते ही वडोदरा स्टेशन पर डॉक्टर पहुंचे और मां-नवजात को चिकित्सा सहायता दी। इसके बाद दोनों को आगे के उपचार के लिए SSGH रेफर किया गया।
वडोदरा रेलवे स्टेशन पर एम्बुलेंस में नवजात शिशु की देखभाल करती स्वास्थ्यकर्मी और लेटी हुई महिला यात्री।
सूरत–कानपुर सेंट्रल स्पेशल ट्रेन में यात्रा के दौरान 26 वर्षीय महिला ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव की सूचना मिलते ही पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल के रेलकर्मियों ने तत्काल समन्वय कर डॉक्टर की व्यवस्था की। वडोदरा रेलवे स्टेशन पर पहुंचे चिकित्सक ने मां और नवजात शिशु की जांच कर आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। इसके बाद दोनों को आगे की जांच, चिकित्सकीय निगरानी और उपचार के लिए सर सयाजीराव जनरल अस्पताल (SSGH), वडोदरा रेफर किया गया।
पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी श्री अनुभव सक्सेना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महिला यात्री कोमल ट्रेन संख्या 05034 सूरत–कानपुर सेंट्रल स्पेशल के कोच S1 की सीट संख्या 17 पर यात्रा कर रही थीं। यात्रा के दौरान चलती ट्रेन में ही उनका प्रसव हो गया। इसकी सूचना रेलवे को मिलने के बाद वडोदरा मंडल से वडोदरा स्टेशन पर तत्काल डॉक्टर की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया। सूचना के साथ ट्रेन संख्या, कोच, सीट और PNR सहित आवश्यक विवरण साझा किए गए, ताकि समय रहते चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए समुचित समन्वय किया जा सके।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिला यात्री को वडोदरा रेलवे स्टेशन पर उतारकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। वडोदरा मंडल के प्रतापनगर स्थित मंडल चिकित्सालय के डॉक्टर दर्शन सोलंकी तत्काल वडोदरा स्टेशन पहुंचे। उन्होंने मां और नवजात शिशु की चिकित्सकीय जांच की। जांच के दौरान नवजात शिशु स्वतः रोता हुआ पाया गया और उसकी स्थिति चिकित्सकीय रूप से सामान्य प्रतीत हुई।
निर्धारित चिकित्सकीय सावधानियों और स्वच्छता मानकों का पालन करते हुए डॉक्टर दर्शन सोलंकी ने नवजात की गर्भनाल को क्लैंप कर काटा। इस दौरान यह भी पाया गया कि प्लेसेंटा का प्रसव हो चुका था। रेलकर्मियों और चिकित्साकर्मी ने संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ मां और नवजात की देखभाल की तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की।
इसके बाद 108 पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलाई गई। एम्बुलेंस के माध्यम से मां और नवजात शिशु को आगे की जांच, चिकित्सकीय निगरानी और उपचार के लिए सर सयाजीराव जनरल अस्पताल (SSGH), वडोदरा की प्रसूति एवं स्त्री रोग (OBGY) इकाई में रेफर किया गया।
यह घटना आपात परिस्थितियों में समय पर सूचना पहुंचाने, विभिन्न विभागों के बीच त्वरित समन्वय और रेलकर्मियों की तत्परता के महत्व को सामने लाती है। परिवार के लिए जहां यह पल नए जीवन के आगमन की खुशी लेकर आया, वहीं रेलवे कर्मचारियों और चिकित्सा टीम की सक्रियता ने इस नाजुक परिस्थिति में मां और नवजात को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पश्चिम रेलवे का वडोदरा मंडल अपने रेलकर्मियों और चिकित्सा विभाग की टीम की कर्तव्यनिष्ठा, मानवीय संवेदनशीलता तथा यात्रियों की सहायता के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करता है।