नाशिक के इरीन सभागार में रेलवे माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स संवाद सम्मेलन में प्रतिनिधियों को संबोधित करते मंडल रेल प्रबंधक।   

मध्य रेलवे के भुसावल मंडल की ओर से 14 अक्टूबर 2026 को नाशिक स्थित इरीन (IRIEEN) सभागार में ‘रेलवे माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स उद्योग संवाद सम्मेलन 2026’ का आयोजन किया गया। मंडल रेल प्रबंधक पुनीत अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में रेलवे और औद्योगिक क्षेत्र के बीच समन्वय मजबूत करने तथा रेल माल ढुलाई के माध्यम से कारोबार की नई संभावनाएं विकसित करने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में उद्योग, लॉजिस्टिक्स, कृषि और जिला प्रशासन से जुड़े कुल 200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मध्य रेलवे के उप वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी (परिवहन) अरुण कुमार नायर, इरीन के अतिरिक्त महानिदेशक डी. एल. मीना तथा भुसावल मंडल के वरिष्ठ शाखाधिकारी उपस्थित रहे।

उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र से कल्याणी कास्ट टेक के निदेशक नरेश कुमार, कॉनकोर के मुख्य महाप्रबंधक नर्मदेश्वर झा, महिंद्रा लॉजिस्टिक्स के अतिरिक्त महाप्रबंधक (ऑपरेशंस) हरीश शर्मा, अदाणी सीमेंट के नरेश जैसवाल, अल्ट्राटेक सीमेंट के उपमहाप्रबंधक तुषार शाह, मिंट लॉजिस्टिक्स के अक्षय मोतीहार, श्री रोडवेज के विकास गोयल तथा महाराष्ट्र चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि संजय सोनवणे ने भाग लिया। इनके अलावा जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, कृषि क्षेत्र के अधिकारी तथा विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में शामिल हुए।

मंडल रेल प्रबंधक पुनीत अग्रवाल ने अपने संबोधन में माल ढुलाई से जुड़े ग्राहकों को रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं के संबंध में आश्वस्त किया। उन्होंने माल परिवहन सुविधाओं को अधिक सक्षम बनाने के लिए चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने के लिए रेलवे प्रशासन प्रतिबद्ध है।

सम्मेलन के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने माल लदान केंद्रों, उपलब्ध विभिन्न प्रकार के माल ढुलाई रेक और वैगनों की जानकारी दी। उन्होंने रेल माल परिवहन बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में भारतीय रेलवे की ओर से लागू की गई ‘52 रिफॉर्म्स वैगन पॉलिसी’ के बारे में जानकारी दी गई। इस नीति के माध्यम से माल ढुलाई को अधिक सुगम, कार्यकुशल और प्रोत्साहनपरक बनाने के प्रयासों पर चर्चा की गई।

संवाद सम्मेलन में नाशिक और आसपास के क्षेत्रों के उद्योगों की माल परिवहन संबंधी जरूरतों को रेलवे के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। मौजूदा और संभावित माल ढुलाई ग्राहकों को अपनी लॉजिस्टिक्स संबंधी आवश्यकताओं, कार्यप्रणाली में आने वाली कठिनाइयों तथा अपेक्षित सुधारों पर रेलवे अधिकारियों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिला।

बैठक में नए प्रकार के माल की रेलवे के माध्यम से ढुलाई, नए माल परिवहन मार्गों की तलाश, लॉजिस्टिक्स संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने, रेलवे की उपलब्ध माल ढुलाई सुविधाओं एवं सेवाओं और संबंधित नीतियों की जानकारी जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। उद्योग प्रतिनिधियों ने माल परिवहन को अधिक सुगम, किफायती और कार्यकुशल बनाने के लिए अपने सुझाव और प्रस्ताव भी रखे। सम्मेलन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

नाशिक जिले के मजबूत औद्योगिक आधार और विस्तृत कृषि क्षेत्र को देखते हुए रेल माल परिवहन के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। रेलवे और उद्योग जगत के बीच सीधे संवाद तथा समन्वय को बढ़ाकर इन संभावनाओं को दोनों पक्षों के लिए लाभकारी व्यावसायिक अवसरों में बदलना इस सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य रहा।

मध्य रेलवे ने ग्राहक-केंद्रित, भरोसेमंद, कार्यकुशल और पर्यावरण-अनुकूल माल परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उद्योग क्षेत्र के साथ नियमित संवाद, ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप सेवाओं का विकास और रेलवे के माध्यम से माल ढुलाई को प्रोत्साहित करना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

14 अक्टूबर 2026 को जारी इस प्रेस विज्ञप्ति का क्रमांक 2026/10/29 है। इसे मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई से जारी किया।

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